धनबाद में कोयला चोरी, अवैध खनन और कोयले के गैरकानूनी परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की बीसीसीएल इकाई ने सोमवार को विशेष अभियान चलाया। बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से जिले के 14 संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी और सघन तलाशी की गई।
अभियान के दौरान करीब 200 किलोग्राम अवैध कोयला और लोहे के चार पाइप जब्त किए गए। एरिया-4 में मिले अवैध खनन के एक मुहाने को भी भर दिया गया। सीआईएसएफ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई केंद्र सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत की गई।
निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। खदानों, कोयला डंप, रेलवे साइडिंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों को हवाई निगरानी के दायरे में रखा गया। गोविंदपुर क्षेत्र में हायर पैच माइंस, जीआरएस रेलवे साइडिंग, तेतुलिया, बाबंडीहा जंगल, आमबगान और महेशपुर माइंस समेत कई स्थानों की जांच हुई।
जेलगोड़ा क्षेत्र में सुशी माइंस, बागड़ीगी कोल डंप, मोदीविट्टा माइंस, लक्ष्मी माइंस और बीआर-5 क्षेत्र की भी ड्रोन से निगरानी की गई। सीआईएसएफ के अनुसार, गोविंदपुर और जेलगोड़ा में निगरानी के दौरान जांचे गए स्थानों की स्थिति सामान्य पाई गई। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त भी बढ़ाई गई है।
गोविंदपुर के सलानपुर डिपार्टमेंटल माइंस की सिलेक्टर बस्ती के पास स्ट्रीट लाइट बंद होने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई दल ने जांच की। वहां से डीजल से भरे चार गैलन बरामद किए गए। इन्हें नियंत्रण कक्ष में सुरक्षित रखा गया है और नियमानुसार बीसीसीएल प्रबंधन को सौंपने की बात कही गई है।
अवैध कोयला परिवहन की रोकथाम के लिए अभियान के दौरान कुल 53 वाहनों की जांच की गई। वाहनों के दस्तावेजों का एम-परिवहन के माध्यम से सत्यापन भी किया गया। सीआईएसएफ ने कहा है कि संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ छापेमारी, ड्रोन निगरानी, वाहन जांच और त्वरित कार्रवाई दल की तैनाती आगे भी जारी रहेगी।