धनबाद में आरडीएसएस का 70 फीसदी काम पूरा, एजेंसी ने मांगा छह माह का विस्तार

धनबाद जिले में बिजली वितरण व्यवस्था सुधारने वाली आरडीएसएस परियोजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 70 प्रतिशत काम हुआ है और एजेंसी ने छह महीने का समय बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

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धनबाद जिले में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत चल रहा बिजली सुधार कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हो सका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक करीब 70 प्रतिशत काम धरातल पर उतरा है। कार्यकारी एजेंसी ने शेष काम पूरा करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा है और इससे संबंधित फाइल आगे बढ़ाई गई है।

इस योजना के माध्यम से जिले के सुदूर और ग्रामीण इलाकों में बिजली वितरण व्यवस्था बेहतर की जा रही है। खास तौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है, जहां बांस के सहारे तार पहुंचाकर घरों को बिजली दी जा रही थी। ऐसे स्थानों पर अब सीमेंट के बिजली खंभे लगाने का काम चल रहा है।

योजना का उद्देश्य आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना भी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बांस के सहारे लटके तारों से करंट और आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सीमेंट के खंभे लगने के बाद इस तरह के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जिन इलाकों में बिजली का भार अधिक है, वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जर्जर और पुराने तारों को बदलने का काम भी जारी है। इन कार्यों के पूरा होने पर अधिक लोड वाले क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

बिजली विभाग का दावा है कि बचा हुआ काम जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके लिए एजेंसी को निर्देश देने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने की बात कही गई है। हालांकि मौजूदा स्थिति में परियोजना का लगभग 30 प्रतिशत काम बाकी है और इसे पूरा करने के लिए अवधि विस्तार की प्रक्रिया चल रही है।

आरडीएसएस के मौजूदा चरण का काम समाप्त होने के बाद दूसरे चरण की शुरुआत प्रस्तावित है। उपलब्ध विवरण के अनुसार अगले चरण में ग्रिड और सबस्टेशन से जुड़े कार्य किए जाने हैं। ऐसे में पहले चरण की समयबद्ध पूर्णता जिले की आगे की बिजली आधारभूत संरचना योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होगी।