धनबाद में जापानी एन्सेफलाइटिस के दो मामले, एक बच्चे की मौत के बाद निगरानी बढ़ी

धनबाद में दो बच्चों में जापानी एन्सेफलाइटिस की पुष्टि हुई है। एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे का एसएनएमएमसीएच में उपचार चल रहा है।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
धनबाद में जापानी एन्सेफलाइटिस के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी

धनबाद जिले में जापानी एन्सेफलाइटिस के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। दोनों संक्रमित बच्चे 12 वर्ष के बताए गए हैं। इनमें से एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे का शहीद निर्मल महतो स्मारक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में उपचार चल रहा है।

नया मामला निरसा प्रखंड के पंचेत क्षेत्र का है। बच्चे को शुक्रवार को गंभीर हालत में एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों को जापानी एन्सेफलाइटिस की आशंका होने पर उसका नमूना अस्पताल के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग में भेजा गया। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि मरीज के उपचार के साथ आवश्यक चिकित्सकीय और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

इससे एक दिन पहले तेलमच्चो निवासी एक अन्य बच्चे की एसएनएमएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हुई थी। बाद में उसके नमूने की जांच में भी जापानी एन्सेफलाइटिस की पुष्टि होने की जानकारी दी गई। धनबाद के सिविल सर्जन के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है और जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

मामला सामने आने के बाद जिला मलेरिया समन्वयक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम तेलमच्चो पहुंची। टीम ने गांव में बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ स्वास्थ्य जांच की। मृत बच्चे की बहन को तेज बुखार होने की सूचना पर उसकी भी जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान उसमें जापानी एन्सेफलाइटिस के लक्षण नहीं मिले, लेकिन एहतियातन उसे निगरानी में रखा गया है।

जापानी एन्सेफलाइटिस मच्छर के माध्यम से फैलने वाला विषाणुजनित संक्रमण है और बच्चों में गंभीर रूप ले सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दौरे, अत्यधिक सुस्ती, भ्रम या व्यवहार में बदलाव इसके संभावित लक्षणों में शामिल हैं। ऐसे संकेत दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान और जांच कर रहा है। विभाग का उद्देश्य संभावित मामलों का समय रहते पता लगाना और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती बच्चे की स्थिति के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।