धनबाद जिले में जीटी रोड को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने गोविंदपुर से निरसा तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। गोविंदपुर में उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। दोनों अधिकारी करीब दो घंटे तक मौके पर रहे, जबकि बाद में एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में अभियान शाम तक जारी रहा।
गोविंदपुर के रंगडीह मोड़ से लाल बाजार की ओर कोलकाता लेन तक सड़क की जमीन पर बने छज्जे, कच्चे-पक्के निर्माण और सीढ़ियां हटाई गईं। प्रशासनिक दल के पहुंचने के बाद कई लोगों ने अपने स्तर से सामान और अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। रंगडीह मोड़ पर एक दुकान हटाकर मोड़ को चौड़ा किया गया।
उपायुक्त ने रास्ते में मौजूद बिजली के खंभे को हटाने के लिए संबंधित महाप्रबंधक से बात की। अधिकारियों ने गोविंदपुर के अंचल अधिकारी और पुलिस निरीक्षक को रतनपुर तक सड़क के दोनों ओर कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोबारा अतिक्रमण किए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, गोविंदपुर क्षेत्र में लगने वाले जाम के कारण एंबुलेंस, मरीजों, परीक्षार्थियों और यात्रा पर निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है। प्रशासन का कहना है कि पिछले तीन महीने से इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। अभियान से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने करीब पांच महीने पहले घर-घर नोटिस दिया था और 15 सितंबर को माइक से सूचना देकर सांकेतिक कार्रवाई भी की गई थी।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने गलत दिशा में वाहनों के परिचालन को भी गोविंदपुर जीटी रोड पर जाम का एक कारण बताया। उन्होंने यातायात पुलिस को 10 अक्टूबर से लगातार दस दिनों तक गोविंदपुर में वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई करने को कहा गया है।
निरसा में भी अंचल अधिकारी विक्रम आनंद और प्रखंड विकास पदाधिकारी इंद्रलाल ओहदार के नेतृत्व में हटिया मोड़ से बाजार चौक तक सर्विस लेन पर अभियान चला। अधिकारियों ने दुकानदारों को दोपहर 12 बजे तक सामान हटाने को कहा था। अधिकांश फुटपाथ दुकानदारों ने स्वयं सामान हटा लिया, जबकि शेष निर्माण और दुकानों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।