धनबाद में बाल विवाह के खिलाफ अभियान, पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर लगे सूचना पट्ट

धनबाद में बाल विवाह रोकने के लिए धार्मिक स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों में सूचना पट्ट लगाए जा रहे हैं। धर्मगुरुओं और नागरिकों को इसकी रोकथाम की शपथ भी दिलाई जा रही है।

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धनबाद जिले में बाल विवाह के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए धार्मिक स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों को अभियान से जोड़ा गया है। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत इन स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जा रहे हैं, ताकि पूजा के दौरान आने वाले लोगों तक सामाजिक संदेश पहुंचाया जा सके।

इस पहल का संचालन झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट, धनबाद और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की ओर से किया जा रहा है। अभियान के दौरान धर्मगुरुओं और आम नागरिकों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई जा रही है। आयोजकों का जोर समुदाय की भागीदारी के माध्यम से इस प्रथा के विरुद्ध जागरूकता तैयार करने पर है।

ट्रस्ट के संस्थापक शंकर रवानी के अनुसार, संस्था धनबाद के 300 गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों में बाल विवाह के साथ बाल मजदूरी, बाल तस्करी और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की रोकथाम को भी शामिल किया गया है।

अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि बाल विवाह का असर बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ता है। इसी कारण पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक रूप से पहुंच वाले स्थानों पर सूचना देने तथा लोगों से इसे रोकने का संकल्प लेने की पहल की गई है।

आयोजकों ने धनबाद को बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रयास में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता को जरूरी बताया है। मौजूदा अभियान में सूचना पट्ट और शपथ कार्यक्रम के जरिए धर्मगुरुओं, श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों को एक साझा सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।