झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति 24 और 25 अक्टूबर को धनबाद में विकास कार्यों तथा वित्तीय जवाबदेही से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करेगी। समिति जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की स्थिति और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेगी।
धनबाद परिसदन में उपायुक्त और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। अधिकारियों को लंबित मामलों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट लेकर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा के दौरान आवश्यकता महसूस होने पर समिति जिले में संचालित विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण भी कर सकती है।
समिति वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक की सीएजी रिपोर्ट में दर्ज लंबित आपत्तियों पर विचार करेगी। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 के स्थानीय निकायों से संबंधित वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन की लंबित आपत्तियां भी चर्चा के दायरे में रहेंगी। बैठक में प्रत्येक मामले की मौजूदा स्थिति और विभागीय स्तर पर उठाए गए कदमों का ब्योरा लिया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समिति 23 अक्टूबर को रांची से बोकारो के लिए रवाना होगी। 24 अक्टूबर की सुबह बोकारो परिसदन में संबंधित विभागों के साथ बैठक करने के बाद उसके सदस्य धनबाद पहुंचेंगे। धनबाद में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ जरूरत के अनुसार योजनाओं को मौके पर देखने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
समिति का रात्रि विश्राम धनबाद परिसदन में निर्धारित है। 25 अक्टूबर को वहां एक और बैठक के बाद समिति देवघर के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद देवघर, गिरिडीह, कोडरमा और हजारीबाग का दौरा प्रस्तावित है। तय कार्यक्रम के अनुसार समिति 29 अक्टूबर को हजारीबाग से रांची लौटेगी।
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी पत्र में गृह विभाग से समिति की पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। बोकारो, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, कोडरमा और हजारीबाग के उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।