धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम पर अतिक्रमण हटाने को हाई कोर्ट ने जवाब मांगा

झारखंड हाई कोर्ट ने धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम पर अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर जवाब मांगा है। मामला राज्य के जलस्रोतों की स्थिति से जुड़ा है।

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रांची के धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम पर अतिक्रमण से जुड़ा मामला

रांची के धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम से जुड़े अतिक्रमण के मुद्दे पर झारखंड हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने इन जलस्रोतों पर अतिक्रमण हटाने के सवाल को गंभीरता से लेते हुए इस पर जवाब देने को कहा है।

रिपोर्ट में धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। ये तीनों जलस्रोत रांची क्षेत्र से जुड़े हैं और इनके आसपास अतिक्रमण का मुद्दा सार्वजनिक चिंता का विषय है। उपलब्ध जानकारी में अदालत की ओर से जवाब मांगने की बात ही प्रमुख तथ्य के रूप में सामने आई है।

इस मामले का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि रिपोर्ट में झारखंड के जलस्रोतों की खराब स्थिति का उल्लेख किया गया है। डैम और अन्य जलस्रोत पानी के भंडारण के साथ-साथ शहरी और आसपास के इलाकों की जल व्यवस्था से भी जुड़े होते हैं। ऐसे में इनके संरक्षण पर जवाबदेही का सवाल उठता है।

हाई कोर्ट की कार्यवाही के बाद अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि अतिक्रमण हटाने और जलस्रोतों की स्थिति सुधारने को लेकर क्या जवाब सामने आता है। अदालत में मांगे गए जवाब से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित डैमों के आसपास अतिक्रमण के मुद्दे पर आगे क्या कदम रखे जाएंगे।

फिलहाल रिपोर्ट में किसी कार्रवाई, समयसीमा या संबंधित अधिकारियों के विस्तृत पक्ष का उल्लेख नहीं है। इसलिए मामले को अदालत की ओर से जवाब मांगे जाने और जलस्रोतों की स्थिति पर उठे सार्वजनिक सवाल तक ही सीमित रखना उचित है। आगे की आधिकारिक जानकारी आने पर विषय की तस्वीर और साफ होगी।