जामताड़ा जिले के नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार तड़के गंभीर पेट दर्द से पीड़ित एक नवजात को समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें चिकित्सकीय सहायता के लिए करीब पौने दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में वे बच्चे को बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल ले गए।
चकनयापाड़ा पंचायत के बैरागीडीह निवासी बलराम मंडल अपने नवजात पोते को सुबह करीब पांच बजे स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिवार के अनुसार, उस समय ड्यूटी पर चिकित्सक मौजूद नहीं थे। उन्होंने एएनएम और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया है।
परिजनों ने बताया कि करीब पौने सात बजे दंत चिकित्सक डॉ. राजेश प्रसाद वहां पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। परिवार ने वीडियो बनाए जाने के दौरान चिकित्सक पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अस्पताल प्रबंधन ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की अनुपस्थिति के आरोप पर अलग पक्ष रखा है। नाला सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार के मुताबिक, सुबह के समय संबंधित चिकित्सक शौचालय गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में अभी तीन चिकित्सक पदस्थापित हैं।
मामले से जुड़ा करीब छह मिनट का वीडियो सामने आने के बाद जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। उनका कहना है कि जवाब मिलने के बाद ही वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने वीडियो में स्वास्थ्यकर्मियों के दिखाई देने की बात भी कही है।
नवजात के परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष को देने की बात कही है। उनकी मांग है कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को बिना देरी प्राथमिक उपचार मिले। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है और अंतिम निष्कर्ष उसके जवाब के बाद सामने आने की बात कही गई है।