रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में शनिवार को दिवंगत रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
नेमरा पहुंचने वालों में केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी शामिल थे। नेताओं ने रूपी सोरेन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद नेताओं ने मुख्यमंत्री और परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट की। उन्होंने परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की कामना की। अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े नेताओं की मौजूदगी के बीच नेमरा में पारिवारिक और पारंपरिक रीति-रिवाज पूरे किए जा रहे हैं।
रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता थीं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सात अक्टूबर को रांची के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हुआ था।
आठ अक्टूबर को नेमरा में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता को मुखाग्नि दी थी। निधन के बाद से अलग-अलग क्षेत्रों के नेता पैतृक गांव पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना प्रकट कर रहे हैं।
नेमरा सोरेन परिवार का पैतृक गांव है। इससे पहले अगस्त 2025 में शिबू सोरेन के निधन के बाद आयोजित श्राद्ध कर्म में भी देश के विभिन्न हिस्सों से कई राजनीतिक हस्तियां यहां पहुंची थीं। शनिवार को भी नेताओं के आने का सिलसिला जारी रहा और उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं साझा कीं।