नोवामुंडी के लेपांग-रेंगाड़बेड़ा क्षेत्र में 12-14 हाथियों का झुंड सक्रिय, धान की फसल रौंदी

नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र में हाथियों का झुंड करीब 15 दिनों से सक्रिय है। ग्रामीणों के अनुसार, झुंड ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया और मुख्य सड़क पर आने से यातायात भी कुछ देर प्रभावित हुआ।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र में करीब 12 से 14 हाथियों का झुंड पिछले 15 दिनों से सक्रिय है। लेपांग और रेंगाड़बेड़ा वन क्षेत्र के आसपास झुंड की लगातार मौजूदगी से स्थानीय ग्रामीणों में डर बना हुआ है। हाथियों को गांवों और मुख्य सड़क के निकट भी देखा गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड दिन के समय जंगल में रहता है और शाम होने के बाद गांवों की ओर आने लगता है। रविवार की भोर में हाथियों ने लेपांग और रेंगाड़बेड़ा गांवों के किसानों की धान की फसल रौंद दी। उपलब्ध जानकारी में नुकसान का कुल क्षेत्रफल या आर्थिक आकलन नहीं बताया गया है।

हाल के दिनों में हाथियों को नोवामुंडी के कांडेनाला और सुखचैन मोटर गैरेज के आसपास मुख्य सड़क पार करते भी देखा गया। झुंड के सड़क पर पहुंचने के कारण वाहनों का आवागमन करीब आधे घंटे तक रुका रहा। राहगीरों का शोर सुनने के बाद हाथी जंगल की ओर चले गए और यातायात दोबारा शुरू हो सका।

हाथियों की गतिविधि से नियमित रूप से इस रास्ते से आने-जाने वाले स्कूली बच्चों और काम पर जाने वाले मजदूरों की चिंता बढ़ी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, झुंड के गांव में प्रवेश करने की आशंका के कारण ग्रामीण शाम ढलने के बाद बाहर निकलने से बच रहे हैं।

लेपांग गांव के मुंडा दयानिधि प्रधान ने भी क्षेत्र में बने भय की जानकारी दी। उनके मुताबिक, हाथियों के कारण लोग शाम के बाद घरों से निकलना सुरक्षित नहीं मान रहे हैं और झुंड कभी भी गांव की ओर आ सकता है।

वन विभाग की टीम क्षेत्र की निगरानी कर रही है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और रात के समय अकेले जंगल वाले रास्तों से नहीं गुजरने की अपील की है। हाथियों की मौजूदगी वाले इलाके में ग्रामीणों और राहगीरों के लिए सतर्कता बनाए रखना जरूरी बताया गया है।