नोवामुंडी में रेलवे लाइन के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण पर ग्रामसभा, ग्रामीणों ने रखीं शर्तें

पादपहाड़ पंचायत के हुटूबसूड टोला में हुई ग्रामसभा में तीसरी-चौथी रेलवे लाइन और प्रस्तावित आरओबी के लिए रैयती जमीन के अधिग्रहण पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने मुआवजे की दीर्घकालिक व्यवस्था की मांग रखी।

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पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड की पादपहाड़ पंचायत स्थित हुटूबसूड टोला में रविवार को ग्रामसभा आयोजित की गई। ग्रामीण मुंडा दुसा लागुरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में डांगोवापोसी से जुरूली तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए रैयती जमीन के अधिग्रहण पर विचार-विमर्श किया गया।

ग्रामसभा में ग्रामीणों की ओर से बताया गया कि करीब 42 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना के दायरे में पांच गांवों के भूखंड आ सकते हैं। उनके अनुसार कलाइया के 16, पुरती दिगिया के 82, पादपहाड़ के 84, महुदी के दो और सारबिल के 118 प्लॉट प्रभावित होने की बात है। इस तरह ग्रामीणों ने कुल 302 प्लॉट प्रस्तावित अधिग्रहण से प्रभावित होने का दावा किया।

बैठक में नोवामुंडी-जैतगढ़ सड़क पर हुटूबसूड के पास मानव रहित रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज का विषय भी उठा। ग्रामीणों के मुताबिक आरओबी निर्माण की योजना में करीब 185 प्लॉट रैयती जमीन को अधिग्रहण के दायरे में लाने की बात कही गई है।

ग्रामीणों ने प्रस्ताव रखा कि यदि रेलवे जमीन देने वाले रैयतों को नौकरी उपलब्ध नहीं करा सकता है तो मुआवजे के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामसभा में प्रति डिसमिल दो लाख रुपये का भुगतान पांच पीढ़ियों तक किए जाने की शर्त पर जमीन देने पर विचार करने की बात रखी गई। यह ग्रामीणों की मांग है और इस पर किसी विभागीय सहमति का उल्लेख नहीं किया गया।

बैठक में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि प्रस्तावित अधिग्रहण क्षेत्र में देशाउली की जमीन भी आ रही है। उनके अनुसार यह स्थल माघे, बाहा, हेरो और जोमनामा जैसे पारंपरिक पर्वों से जुड़ा है। उन्होंने जमीन को आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए ग्रामसभा को मजबूत करने और ग्रामीणों को जागरूक रहने पर जोर दिया।

ग्रामसभा में सुशील बारला ने उपस्थित लोगों को ग्रामसभा के अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। बैठक में झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों, जमीन बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों, विभिन्न गांवों के मुंडाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।