रांची के युवा बल्लेबाज शिखर मोहन का चयन न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत-ए की टेस्ट टीम में हुआ है। 21 वर्षीय शिखर बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत-ए में मिली जगह उनके घरेलू प्रदर्शन के बाद करियर का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
शिखर का बचपन रांची के डोरंडा इलाके में बीता है। उन्होंने छह वर्ष की उम्र में रांची क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया था। वह जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के छात्र रहे हैं। इसी विद्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी पढ़ाई की थी।
रणजी ट्रॉफी के 2025-26 सत्र में शिखर ने झारखंड की ओर से 55.72 की औसत से 613 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने नागालैंड के खिलाफ दोहरा शतक लगाया, जबकि बड़ौदा के विरुद्ध शतकीय पारी खेली। इन पारियों ने घरेलू स्तर पर उनकी पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
रणजी ट्रॉफी के अलावा शिखर को अन्य प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताओं में भी अवसर मिला। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से 85 रन की पारी खेली। ईरानी कप के लिए उन्हें रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम में चुना गया, जहां उनके बल्ले से 60 रन निकले।
झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजय पांडे ने शिखर के चयन को राज्य के लिए गौरव की बात बताया है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को प्रतिभाशाली बताते हुए आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उनका कहना है कि झारखंड से लगातार अच्छे क्रिकेटर सामने आ रहे हैं।
भारत-ए का न्यूजीलैंड दौरा शिखर को बड़े स्तर पर अपनी बल्लेबाजी दिखाने और अनुभव हासिल करने का अवसर देगा। सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने की उनकी आगे की राह प्रदर्शन, टीम की जरूरत और चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करेगी। फिलहाल निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह घरेलू क्रिकेट की अपनी लय को दौरे पर किस तरह आगे बढ़ाते हैं।