पलामू के 16,232 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति देने की तैयारी

सरकारी स्कूलों की कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले पात्र सामान्य कोटि के विद्यार्थियों को डीबीटी से राशि मिलेगी। शिक्षा विभाग लाभार्थियों का डाटाबेस तैयार कर रहा है।

2 मिनट पढ़ें 9 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

पलामू जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सामान्य कोटि के 16,232 छात्र-छात्राओं को चालू वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने की तैयारी शुरू हो गई है। योजना में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। छात्रवृत्ति की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

यह सहायता सामान्य वर्ग के उन विद्यार्थियों के लिए है, जिन्हें फिलहाल किसी अन्य योजना से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। समग्र शिक्षा अभियान के एपीओ मनोज कुमार मिश्रा के अनुसार, इसका उद्देश्य सरकारी या सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों को आर्थिक सहयोग देना और उनकी पढ़ाई को सुगम बनाना है।

योजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को 1,500 रुपये दिए जाने हैं। कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं के लिए 2,500 रुपये की छात्रवृत्ति निर्धारित है। भुगतान से पहले विद्यार्थियों की पात्रता और दर्ज की गई जानकारियों की जांच की जाएगी।

शिक्षा विभाग लाभार्थी विद्यार्थियों का डाटाबेस तैयार कर रहा है। राज्य परियोजना से मिले निर्देश के अनुसार, छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की सूची पीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड की जानी है। इसके साथ संबंधित अग्रसारण पत्र राज्य कार्यालय के डीबीटी सेल को भेजने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

विद्यार्थियों से जुड़ी प्रविष्टियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड और जिला स्तर पर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और लेखापाल विवरणों की जांच करेंगे। जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा संबंधित प्रभाग के प्रभारी या लेखापाल सत्यापन करेंगे।

विभागीय तैयारी पूरी होने के बाद सत्यापित सूची के आधार पर राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इससे बिचौलियों के बजाय विद्यार्थियों तक सहायता सीधे पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी। फिलहाल डाटाबेस निर्माण, पोर्टल पर सूची दर्ज करने और विभिन्न स्तरों पर सूचनाओं की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।