पलामू जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुरुवार को बारिश और तेज गर्जन के बीच हुए वज्रपात ने चार लोगों की जान ले ली। इन घटनाओं में एक नाबालिग बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई, जबकि हरिहरगंज में एक पशुपालक बेहोश हो गया। दो भैंसों की भी मौत हुई है। सभी घटनाएं मौसम में अचानक आए बदलाव के दौरान हुईं।
चैनपुर थाना क्षेत्र की ओड़नार पंचायत के प्रजापति टोला में खेत में घास काटने गए परिवार पर वज्रपात हुआ। इसकी चपेट में आने से 12 वर्षीय संध्या कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसकी 10 वर्षीय छोटी बहन मंती कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे आसपास के लोगों और परिजनों ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
छतरपुर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। दिनदाग गांव के 65 वर्षीय बनारसी यादव भैंस चराने के लिए बत्तरे डैम की ओर गए थे। बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। बगैया गांव में मैदान से बकरी खोलने गए 45 वर्षीय रामरूप भुइयां भी वज्रपात से गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने छतरपुर की दोनों घटनाओं के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर भेज दिया। पांडू थाना क्षेत्र की तिसीबार कला पंचायत के मसूरियाटिकर टोला में भी वज्रपात हुआ। धान के खेत में खाद डालने गए 55 वर्षीय नूर सम्मद अंसारी की इसकी चपेट में आने से मौत हो गई।
हरिहरगंज थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में हड़ियाही मुख नहर के पास बारिश के दौरान हुए वज्रपात से दो भैंसों की मौत हो गई। उनके साथ जा रहे पशुपालक कृष्णा यादव बेहोश होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उपचार के बाद स्थिति सामान्य होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
एक ही दिन जिले के कई हिस्सों में हुई इन घटनाओं से प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, चैनपुर में घायल बच्ची का इलाज चल रहा है। हरिहरगंज की घटना में दोनों पशुओं की मौत से पशुपालक को करीब 90 हजार रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है।