पलामू में सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें या रील साझा करने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मार्च 2026 के बाद ऐसे मामलों में आधा दर्जन से अधिक युवकों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने और अवैध हथियारों से दूर रहने की अपील की है।
अगस्त के पहले सप्ताह में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सफाया’ शुरू किया था। अभियान के दौरान हथियारों से जुड़े 851 लोगों की सूची तैयार किए जाने और अब तक 29 से अधिक हथियार बरामद होने की जानकारी दी गई है। जांच में कुछ कम उम्र के युवाओं द्वारा इलाके में प्रभाव जमाने या दिखावे के लिए हथियार रखने और उनकी तस्वीरें पोस्ट करने की बात भी सामने आई है।
जुलाई में सदर थाना क्षेत्र के चियांकि फ्लाईओवर के पास पुलिस ने हथियार के साथ रील बना रहे दो युवकों और एक नाबालिग को पकड़ा था। उनके पास से एक देसी कट्टा बरामद होने की जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार, तीनों ने रील बनाने और आसपास दबदबा दिखाने के उद्देश्य से हथियार खरीदा था।
जून में हरिहरगंज के सरसोत गांव निवासी एक युवक को दोनों हाथों में हथियार लेकर तस्वीर खिंचवाने के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से दोनों हथियार बरामद करने की बात कही। वहीं, 23 अगस्त को पाटन थाना क्षेत्र से एक मिस्त्री को देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उसने दिखावे और पारिवारिक विवाद में प्रभाव बनाने के लिए हथियार खरीदा था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन गंभीर मामला है और पकड़े जाने पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, असली ही नहीं बल्कि दिखावे के लिए नकली हथियार की तस्वीर डालने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे पोस्ट पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अवैध हथियारों की सूचना देने वालों के लिए पुलिस ने इनाम की भी घोषणा की है। दी गई जानकारी के अनुसार, देसी कट्टे की सूचना पर पांच हजार रुपये, स्वचालित हथियार की सूचना पर 15 हजार रुपये और बड़े हथियार की जानकारी पर 20 हजार रुपये से अधिक का इनाम रखा गया है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अवैध हथियारों पर रोक लगाने के साथ युवाओं को संभावित कानूनी कार्रवाई से सचेत करना है।