पलामू में NH-39 फोरलेन के किनारे प्रस्तावित हरित पट्टी अब भी इंतजार में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मार्ग पर 42,660 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह लक्ष्य अभी अधूरा है। सड़क निर्माण और चौड़ीकरण से जुड़े इलाके में पेड़ों की कटाई हो चुकी है, पर नई हरियाली कब तक दिखेगी, यह सवाल बना हुआ है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि NH-39 फोरलेन पर हरित पट्टी तैयार करने की योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। सड़क किनारे पौधे लगाने का उद्देश्य फोरलेन मार्ग को पर्यावरण के लिहाज से संतुलित बनाना माना जाता है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पलामू में तय संख्या तक पौधारोपण नहीं हो सका है।
मामला इसलिए अहम है क्योंकि फोरलेन सड़क परियोजनाओं में पेड़ों की कटाई के बाद हरित पट्टी को पुनर्स्थापना से जोड़ा जाता है। यहां उपलब्ध तथ्य यही बताते हैं कि पेड़ काट दिए गए हैं और 42,660 पौधों का लक्ष्य अब भी पूरा होने की प्रतीक्षा में है।
इस स्थिति ने स्थानीय स्तर पर यह सवाल खड़ा किया है कि जब सड़क के लिए पुराने पेड़ हटाए गए, तो बदले में नई पौधारोपण व्यवस्था कब पूरी होगी। रिपोर्ट में इस अधूरे लक्ष्य को सीधे पलामू और NH-39 फोरलेन से जोड़ा गया है।
फिलहाल उपलब्ध सूचना के आधार पर इतना स्पष्ट है कि पलामू में NH-39 फोरलेन की हरित पट्टी का काम तय लक्ष्य तक नहीं पहुंचा है। आगे इस दिशा में पौधे लगाने की समयसीमा और प्रगति पर नजर रहेगी, क्योंकि यह मुद्दा सड़क विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी से भी जुड़ा है।