पलामू समेत छह जिलों में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी लंबित, विभाग ने जताई नाराजगी

अक्टूबर के खाद्यान्न की आपूर्ति तय समय और तीन दिन के विस्तार के बाद भी पूरी नहीं हुई। पलामू के पीडीएस दुकानदारों ने बैरिया गोदाम से जल्द अनाज दिलाने की मांग की है।

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पलामू में पीडीएस खाद्यान्न की लंबित आपूर्ति से जुड़ा प्रतीकात्मक दृश्य

पलामू समेत झारखंड के छह जिलों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अक्टूबर 2026 के लिए आवंटित खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। पलामू के अलावा चतरा, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा और पूर्वी सिंहभूम में आपूर्ति लंबित रहने पर खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने संबंधित अधिकारियों के कामकाज पर नाराजगी जताई है।

विभाग ने पहले 30 सितंबर और एक अक्टूबर को पत्र भेजकर 15 अक्टूबर तक डोर स्टेप डिलीवरी पूरी कराने का निर्देश दिया था। समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर कारण सहित जानकारी देने को भी कहा गया था। इसके बाद विशेष परिस्थिति में आपूर्ति की अवधि 18 अक्टूबर तक बढ़ाई गई।

विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर उप सचिव राम कृष्ण कुमार ने 15 अक्टूबर को छह जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी-सह-जिला प्रबंधकों को पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया कि लगातार निगरानी और निर्देशों का पालन किया जाता तो अवधि बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती। विभाग ने इस स्थिति को लापरवाही और उदासीनता बताते हुए खेदजनक माना है।

पलामू में अवधि विस्तार के बाद भी कई पीडीएस दुकानदारों तक अनाज नहीं पहुंचने की बात सामने आई है। दुकानदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवेदन देकर बैरिया गोदाम से जल्द खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की। उनके अनुसार मेदिनीनगर सदर प्रखंड की सुआ, कौरिया, सरजा, पोलपोल और लहलहे समेत अन्य पंचायतों के दुकानदारों को एनएफएसए का अनाज नहीं मिला है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि गोदाम लगातार बंद मिल रहा है और प्रबंधक से संपर्क नहीं हो पा रहा। दुकानदारों के मुताबिक ग्रीन कार्ड योजना के तहत शहरी और प्रखंड क्षेत्रों के लिए भी अनाज नहीं मिला है। उन्होंने गोदाम प्रबंधन और कथित माफिया की मिलीभगत से खाद्यान्न गायब होने का आरोप लगाया है, लेकिन इस आरोप की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को शीघ्र खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया है। अब पीडीएस दुकानदारों और राशन पाने वाले परिवारों के लिए अहम सवाल यह है कि बढ़ाई गई समयसीमा के बाद लंबित आपूर्ति कब तक पूरी होती है। विभागीय पत्र के बाद संबंधित जिलों में वितरण व्यवस्था और निगरानी पर भी ध्यान रहेगा।