पश्चिमी सिंहभूम जिले में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया को लोगों के नजदीक पहुंचाने के लिए प्रखंड स्तर पर ड्राइविंग टेस्ट शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला परिवहन कार्यालय की इस पहल से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के दोपहिया वाहन चालकों को सुविधा मिली है। आवेदक अब अपने प्रखंड में ही ड्राइविंग टेस्ट दे सकते हैं।
पहले जिले के अलग-अलग इलाकों से आवेदकों को लाइसेंस की छोटी प्रक्रियाओं के लिए भी जिला मुख्यालय चाईबासा जाना पड़ता था। इसमें आने-जाने का किराया खर्च होने के साथ कामकाज छोड़कर पूरा दिन निकालना पड़ता था। दूरी, समय और जरूरी जानकारी के अभाव में कुछ लोग आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते थे।
जिला परिवहन कार्यालय की ओर से लगातार आयोजित किए जा रहे शिविरों में लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आवेदकों को अपने निवास क्षेत्र के पास प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है और मुख्यालय तक बार-बार जाने की आवश्यकता कम हुई है।
शिविर में ड्राइविंग टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा करने वाले आवेदकों का लाइसेंस जिला परिवहन कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा से जारी किया जाएगा। यानी जांच की सुविधा प्रखंड में मिलने के बावजूद लाइसेंस निर्गत करने की जिम्मेदारी जिला कार्यालय के पास ही रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य परिवहन विभाग की सेवाओं को आम नागरिकों के करीब लाना तथा लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना है। इससे उन वाहन चालकों को भी वैध लाइसेंस की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है, जो अभी तक दूरी या दूसरी व्यावहारिक दिक्कतों के कारण आवेदन पूरा नहीं कर सके थे।
प्रखंडों में नियमित शिविर लगने से वैध ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है। अधिक आवेदकों के प्रक्रिया में शामिल होने पर निर्धारित सरकारी शुल्क से राजस्व प्राप्ति भी बढ़ सकती है। साथ ही विभाग ने इस पहल को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को प्रोत्साहित करने से भी जोड़ा है।