पश्चिमी सिंहभूम में लंबित प्रशासनिक मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

चाईबासा में उपायुक्त मनीष कुमार ने सामान्य शाखा की समीक्षा बैठक में शस्त्र अनुज्ञप्ति, अनुकंपा नियुक्ति, चरित्र सत्यापन और अन्य लंबित मामलों की स्थिति देखी।

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चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की सामान्य शाखा से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई। जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में सामान्य शाखा प्रभारी उपसमाहर्ता गौतम कुमार तथा शाखा के कर्मचारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने शाखा के माध्यम से संचालित अलग-अलग प्रशासनिक कार्यों की बिंदुवार जानकारी ली और उनकी अद्यतन स्थिति का अवलोकन किया।

समीक्षा के दायरे में शस्त्र अनुज्ञप्ति, पेट्रोल पंप से संबंधित मामले और चरित्र सत्यापन के प्रकरण शामिल थे। उग्रवादी हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को दिए जाने वाले अनुग्रह अनुदान और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों की प्रगति भी बैठक में देखी गई।

इसके अतिरिक्त एसी-डीसी विपत्र, अस्थायी पट्टा और दुकानों से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई। झारखंड राज्य आंदोलनकारी पेंशन से जुड़े प्रकरणों की स्थिति भी समीक्षा के लिए रखी गई। उपायुक्त ने इन सभी विषयों में लंबित आवेदनों और प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने को कहा।

बैठक में कारा सुरक्षा, चौकीदारों की नियुक्ति एवं भुगतान तथा एनसीओआरडी से संबंधित प्रतिवेदनों की अद्यतन स्थिति का भी आकलन किया गया। समीक्षा का उद्देश्य सामान्य शाखा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति को एक साथ देखना और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना था।

उपायुक्त का निर्देश उन प्रशासनिक विषयों पर केंद्रित रहा जिनका संबंध अनुज्ञप्ति, सत्यापन, नियुक्ति, भुगतान, पेंशन और सहायता जैसी प्रक्रियाओं से है। बैठक में किसी मामले के निपटारे की अलग समयसीमा या लंबित प्रकरणों की संख्या नहीं बताई गई, लेकिन संबंधित शाखा को सभी मामलों पर शीघ्र कार्रवाई करने के लिए कहा गया।