पाकुड़ के क्रशर प्लांटों में लूटपाट के मामले में तीन गिरफ्तार, पांच मोटर और वाहन बरामद

पाकुड़ पुलिस ने क्रशर प्लांटों में हुई सिलसिलेवार लूटपाट की जांच के बाद पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।

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पाकुड़ में गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस द्वारा बरामद क्रशर मोटर और वाहन

पाकुड़ जिले के क्रशर प्लांटों में हुई सिलसिलेवार लूटपाट के मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर क्रशर की पांच मोटर, एक पिकअप वाहन और वारदात में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया अन्य सामान बरामद हुआ है।

पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गिरोह के आठ से दस सदस्य रात में क्रशर प्लांटों में प्रवेश करते थे। आरोप है कि वे नाइट गार्ड और मजदूरों को हसुआ, चाकू तथा लाठी का भय दिखाकर बंधक बनाते और मोटर सहित कीमती सामान ले जाते थे।

पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर को हिरणपुर थाना क्षेत्र के आसनजोला स्थित एक प्लांट में वारदात हुई थी। इसके बाद 29 से 31 अक्टूबर के बीच अम्बियापहाड़ी और बलियापतरा के तीन क्रशर प्लांटों को निशाना बनाया गया। दो नवंबर को महारो स्थित एक बंद क्रशर से भी सामान लूटे जाने की शिकायत सामने आई थी। इन घटनाओं को लेकर हिरणपुर और महेशपुर थाना क्षेत्रों में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं।

लगातार घटनाओं के बाद पाकुड़ और महेशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में विशेष जांच दल बनाया गया। पुलिस का कहना है कि टीम ने घटनास्थलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सूचनाओं की जांच की। इसके बाद पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीन लोगों को पकड़ा गया।

गिरफ्तार लोगों की पहचान मालदा निवासी मिथुन सरकार और मुर्शिदाबाद निवासी रिंकु शेख तथा नबी शेख के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने इन वारदातों में संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

बरामद सामान में तीन बड़ी और दो छोटी क्रशर मोटर, एक पिकअप वाहन, दो मोबाइल फोन, लोहे का गड़ासा, तार काटने वाला कटर और एक क्षतिग्रस्त डीवीआर शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में पहले से चोरी, लूट तथा अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।