पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड में स्थित मार्गो ईस्ट और मार्गो वेस्ट कोल ब्लॉक झारखंड सरकार की कंपनी झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेइएमसीएल) ने हासिल किए हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, दोनों ब्लॉक राजमहल कोलफील्ड क्षेत्र में हैं और इनमें कुल 865 मिलियन टन भू-वैज्ञानिक कोयला संसाधन का अनुमान है।
कोयला मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्गो ईस्ट में 450 मिलियन टन और मार्गो वेस्ट में 415 मिलियन टन संसाधन है। अगस्त में हुई वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी में जेइएमसीएल की अंतिम राजस्व हिस्सेदारी बोली मार्गो ईस्ट के लिए 10.25 प्रतिशत और मार्गो वेस्ट के लिए 6.50 प्रतिशत रही।
मार्गो ईस्ट का खनन पट्टा क्षेत्र 554.8 हेक्टेयर बताया गया है। इसकी पीक रेटेड उत्पादन क्षमता 3.6 मिलियन टन सालाना है। वहीं, 507.9 हेक्टेयर में फैले मार्गो वेस्ट की सालाना क्षमता 3.32 मिलियन टन बताई गई है। इस तरह दोनों परियोजनाओं की संयुक्त प्रस्तावित क्षमता 6.92 मिलियन टन प्रतिवर्ष बनती है। दोनों जगह जी-10 ग्रेड का कोयला उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
तकनीकी आकलन में इन ब्लॉकों के लिए खुली खदान पद्धति अपनाए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि खनन शुरू होने से पहले विकास एवं उत्पादन करार, भूमि संबंधी प्रक्रिया, पर्यावरणीय स्वीकृति, स्वीकृत खनन योजना और जरूरी आधारभूत संरचना से जुड़े चरण पूरे करने होंगे। इसलिए उत्पादन शुरू होने का समय अभी स्पष्ट नहीं है।
नई दिल्ली में 17 सितंबर को कोयला मंत्रालय से जुड़े दस्तावेज और आगे की औपचारिक प्रक्रिया का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें जेइएमसीएल के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन के शामिल होने तथा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की बात कही गई है।
परियोजनाएं विकसित होने पर परिवहन, मशीनरी संचालन, निर्माण, रखरखाव, आपूर्ति और अन्य सहायक गतिविधियों के जरिए लिट्टीपाड़ा तथा आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। रोजगार और वास्तविक उत्पादन का स्तर, हालांकि, सभी स्वीकृतियां मिलने और परिचालन आरंभ होने के बाद ही निश्चित हो सकेगा। जेइएमसीएल के पास 510 मिलियन टन अनुमानित संसाधन वाला जवाड़दाहा नॉर्थ ब्लॉक भी पहले से है, जिसे कंपनी ने 2025 की नीलामी में हासिल किया था।