बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से अक्टूबर 2020 में लापता हुई नाबालिग की तलाश अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो इकाई, रांची ने पिंड्राजोरा थाने में दर्ज पुराने मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की है।
प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, नाबालिग 16 अक्टूबर 2020 की सुबह करीब 10:45 बजे ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। लगभग आधे घंटे बाद सड़क पर उसकी साइकिल, चप्पल, किताबें और नोटबुक मिलने की बात दर्ज है। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास तलाश की, पर उसका पता नहीं चल सका।
नाबालिग के नहीं मिलने पर पिंड्राजोरा थाने में कांड संख्या 161/2020 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के साथ धारा 34 लगाई गई थी। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पुलिस की जांच के बावजूद लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद प्रकरण झारखंड हाई कोर्ट पहुंचा।
हाई कोर्ट ने 25 अगस्त 2026 को संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को जांच संभालने का निर्देश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में एजेंसी ने पुराने मुकदमे को आरसी 0242026एस0011 के रूप में दोबारा दर्ज किया है। नया मामला अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध दर्ज किया गया है।
सीबीआई की रांची स्थित एसीबी इकाई ने जांच की जिम्मेदारी डीएसपी गौरव सिंह को सौंपी है। अब एजेंसी वर्ष 2020 से उपलब्ध अभिलेखों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परिजन नाबालिग की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं और लंबे समय से कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण सीबीआई जांच की मांग की गई थी।
यह मामला करीब साढ़े पांच वर्ष से लंबित है। सीबीआई के जांच संभालने से अब तक की पुलिस कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से समीक्षा का रास्ता खुला है। हालांकि नाबालिग के बारे में कोई नया सुराग मिलने या किसी व्यक्ति की भूमिका तय होने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।