गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित लेडवा मंडरडीह गांव में मंगलवार देर रात जंगली हाथी के हमले में 70 वर्षीय मंगरा मांझी की मौत हो गई। हमले में उनकी 65 वर्षीय पत्नी बड़की देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में शोक के साथ भय का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, मंगरा मांझी रात में शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। रात में उन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता था, इसलिए उनकी पत्नी भी साथ गई थीं। इसी दौरान दोनों का सामना जंगली हाथी से हो गया। हमले में मंगरा मांझी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़की देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मृतक के नाती मनीष सोरेन के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन दोनों को तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मंगरा मांझी को मृत घोषित कर दिया और घायल बड़की देवी का उपचार शुरू किया। परिजन ने इलाके में पांच से छह हाथियों की मौजूदगी की बात कही है।
पीरटांड़ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक, क्षेत्र में अपने झुंड से बिछड़ा एक हाथी घूम रहा था और उसी ने दंपती पर हमला किया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। विभागीय टीम क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
वन विभाग ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है। विभाग के अनुसार, अग्रिम राशि के रूप में एक लाख रुपये दिए जाने हैं, जिनमें 50 हजार रुपये तत्काल उपलब्ध कराए गए हैं। शेष राशि आवश्यक दस्तावेज और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने की बात कही गई है। घायल महिला के उपचार और आवश्यक सहयोग के लिए भी विभागीय कार्रवाई जारी है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर उनके पास नहीं जाने की अपील की है। लोगों को हाथियों को घेरने या स्वयं भगाने की कोशिश से बचने को भी कहा गया है। आसपास हाथियों की गतिविधि को देखते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।