जमशेदपुर में कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने तलाशी अभियान शुरू किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी की कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुल चार परिसरों में चल रही है। इनमें जमशेदपुर के तीन ठिकाने और कोलकाता का एक परिसर शामिल है।
यह तलाशी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है। मामला जमशेदपुर के एक उद्योगपति, उनके लेखाकार और अन्य संबंधित लोगों से जुड़ा बताया गया है। फिलहाल एजेंसी परिसरों में उपलब्ध दस्तावेजों और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच में आरोप है कि संबंधित उद्योगपति ने ऐसी संस्थाओं से माल की खरीद के चालान हासिल किए जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था। यह भी आरोप है कि इन चालानों के आधार पर माल की वास्तविक आपूर्ति हुए बिना जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया। इन दावों की जांच अभी जारी है।
जीएसटी व्यवस्था में कारोबारी निर्धारित शर्तों के तहत खरीद पर चुकाए गए कर का समायोजन इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में कर सकते हैं। इस मामले में एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कथित फर्जी लेनदेन के माध्यम से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।
तलाशी के दौरान कथित फर्जी जीएसटी लेनदेन, अस्तित्वहीन बताई जा रही संस्थाओं के इस्तेमाल और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। जांच का एक पहलू यह भी है कि कथित फर्जी चालानों से मिले टैक्स क्रेडिट का लाभ किस तरीके से लिया गया।
एजेंसी इस प्रकरण में अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। उपलब्ध विवरण में अभी किसी गिरफ्तारी, जब्ती या जांच के अंतिम निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए संबंधित आरोपों को जांचाधीन दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।