बीआईटी मेसरा में पर्यटन-आतिथ्य क्षेत्र के 30 पेशेवरों का छह दिवसीय प्रशिक्षण पूरा

रांची के बीआईटी मेसरा में आयोजित कार्यक्रम में नेतृत्व, होटल संचालन, वित्त, डिजिटल बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत पर्यटन पर प्रशिक्षण दिया गया।

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रांची के बीआईटी मेसरा में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के पेशेवरों के लिए आयोजित छह दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से हुए इस प्रशिक्षण में होटल प्रबंधकों, सहायक प्रबंधकों, पर्यवेक्षकों और पर्यटन अधिकारियों समेत कुल 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

झारखंड सरकार के पर्यटन निदेशालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य आतिथ्य क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और सेवा की गुणवत्ता बेहतर बनाना था। प्रशिक्षण में वैश्विक मानकों के अनुरूप होटल प्रबंधन को मजबूत करने तथा अतिथियों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

कार्यक्रम के अलग-अलग सत्रों में पेशेवर व्यक्तित्व, संवाद कौशल, नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर व्यावहारिक जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही होटल संचालन, खाद्य एवं पेय प्रबंधन, मानव संसाधन, वित्त और इंजीनियरिंग जैसे कार्यक्षेत्रों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया।

प्रतिभागियों को डिजिटल बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत पर्यटन और रणनीतिक योजना से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी गई। सत्रों के दौरान आतिथ्य प्रतिष्ठानों में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय, सेवा मानकों में एकरूपता, वित्तीय समझ और तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की जरूरत रेखांकित की गई।

अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने कार्यस्थलों पर आने वाली समस्याओं के समाधान और प्रशिक्षण से मिली सीख के व्यावहारिक उपयोग पर काम किया। उन्हें अगले 90 दिनों के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, ताकि प्रशिक्षण के निष्कर्षों को नियमित कामकाज में लागू किया जा सके।

कार्यक्रम बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के संरक्षण में आयोजित किया गया। प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार संजय सवार्नी इसके संयोजक रहे, जबकि डॉ. निशिकांत कुमार ने समन्वयक और डॉ. आनंद कुमार तथा डॉ. सत्यजीत महतो ने सह-समन्वयक की जिम्मेदारी निभाई। प्रतिभागियों को कार्यकुशलता, टीमवर्क और अतिथि संतुष्टि बढ़ाने के लिए अर्जित ज्ञान के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया।