बेमौसम बारिश से झारखंड में धान-सब्जियों पर असर, जिलों से मांगी गई नुकसान की रिपोर्ट

झारखंड में बेमौसम बारिश से धान और कई सब्जियों को नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग ने जलनिकासी की सलाह देते हुए जिलों से फसल क्षति की रिपोर्ट मांगी है।

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बेमौसम बारिश के बाद झारखंड के खेत में खड़ी धान की फसल

रांची समेत झारखंड के विभिन्न हिस्सों में चक्रवात अर्नब के कारण हुई बेमौसम बारिश का असर खेती पर पड़ा है। खेतों में तैयार धान के साथ आलू, मटर और कई दूसरी सब्जियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, राज्य में फसल क्षति की पूरी तस्वीर जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रांची के धान किसान भौंरा नायक के अनुसार, बारिश के बाद धान की बालियों में नमी बढ़ने से बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। कोल्हान और आसपास के उन क्षेत्रों में अधिक नुकसान की आशंका जताई गई है, जहां तेज हवा के साथ बारिश हुई और धान के पौधे गिर गए।

लगातार बारिश ने रबी मौसम की शुरुआती खेती को भी प्रभावित किया है। खेतों में लगाए जा रहे आलू और मटर के अलावा गोभी, बंदगोभी, कद्दू, नेनुआ, फ्रेंचबीन तथा बैंगन जैसी सब्जियों को नुकसान होने की बात कही गई है। अधिक नमी के कारण पौधों में फंगल संक्रमण और कीट लगने का खतरा भी बढ़ सकता है।

झारखंड के उप कृषि निदेशक अमृतेश कुमार सिंह ने किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देने और जलनिकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, फसल नुकसान वाले जिलों को क्षति का विवरण तैयार कर जल्द मुख्यालय भेजने के लिए परामर्श जारी किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे के जरूरी कदम तय करेगा।

राज्य में लगभग 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और करीब 10 से 11 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों की खेती होती है। बारिश से कितने क्षेत्र और कितने किसानों की फसल प्रभावित हुई है, इसका कोई अंतिम आकलन अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए शुरुआती सूचनाओं को नुकसान के अंतिम आंकड़े के रूप में नहीं देखा जा रहा है।

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सब्जियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिलने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान की क्षति का सही आकलन सभी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल विभागीय स्तर पर जिलावार जानकारी जुटाने और प्रभावित फसलों की स्थिति समझने की प्रक्रिया चल रही है।