बोकारो के चास क्षेत्र में सिंगारी जोरिया के जीर्णोद्धार और उसके किनारे प्रस्तावित निर्माण कार्यों की दिशा में पहल शुरू हुई है। सड़क निर्माण विभाग ने विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर तैयार कराने के लिए परामर्शी सेवा की निविदा आमंत्रित की है। योजना में जोरिया के अलग-अलग हिस्सों का जीर्णोद्धार करने के साथ सड़क और पुलिया निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन शामिल है।
प्रस्तावित डीपीआर के पहले हिस्से में चास के केएम मेमोरियल अस्पताल के पास से फाल मंडी पुल, महावीर चौक तक करीब एक किलोमीटर लंबा क्षेत्र रखा गया है। दूसरे हिस्से में फाल मंडी महावीर चौक से चिरा चास तक लगभग चार किलोमीटर लंबे खंड को शामिल किया गया है। दोनों हिस्सों के लिए जीर्णोद्धार और पुलिया निर्माण से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन किया जाना है।
निविदा सड़क निर्माण विभाग के अंतर्गत मृदा अन्वेषण प्रमंडल की अग्रिम योजना शाखा ने जारी की है। डीपीआर में पहुंच पथ, उपलब्ध जमीन, स्वामित्व संबंधी विवरण, भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, वन संबंधी प्रस्ताव और उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण जैसे विषयों का अध्ययन किया जाएगा। इससे परियोजना के लिए जरूरी जमीन और संभावित निर्माण कार्यों की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रक्रिया के दौरान जोरिया की जमीन की मापी और राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्वामित्व की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। इससे जोरिया की वास्तविक चौड़ाई, बहाव क्षेत्र तथा आसपास की जमीन की स्थिति सामने आ सकती है। निजी जमीन की आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रैयतों के लिए नियमानुसार मुआवजे का प्रावधान लागू होगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में सरकारी या जोरिया की जमीन पर कब्जा मिलने की स्थिति में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की संभावना हो सकती है। हालांकि अतिक्रमण हटाने, भूमि अधिग्रहण अथवा मुआवजे से जुड़ा कोई भी निर्णय जमीन के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकार के नियमों के आधार पर ही लिया जाएगा। फिलहाल निविदा डीपीआर तैयार करने के लिए है।
चास नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार के अनुसार, नगर निगम ने इस संबंध में पहले प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार करते हुए पथ निर्माण विभाग को डीपीआर बनाने का काम सौंपा गया है। उनका कहना है कि जीर्णोद्धार से चास की एक बड़ी समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है। आगे के निर्माण की प्रकृति और दायरा डीपीआर तथा संबंधित स्वीकृतियों के बाद स्पष्ट होगा।