पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड स्थित बेनीसागर गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर करीब डेढ़ किलोमीटर जर्जर सड़क की मरम्मत की। शनिवार को हुए इस प्रयास में खड़पोस पंचायत क्षेत्र के चार-पांच गांवों के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
मरम्मत का काम बेनीसागर के मुंडा साईं से तांती टोला और बस पड़ाव होते हुए झारखंड-ओडिशा सीमा तक किया गया। ग्रामीणों ने सड़क पर बने बड़े गड्ढों को मिट्टी और मोरम डालकर भरा, ताकि इस मार्ग पर आवागमन की स्थिति बेहतर हो सके।
काम के लिए क्षेत्र से पांच-छह ट्रैक्टर लगाए गए। इनके माध्यम से मिट्टी और मोरम सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद श्रमदान में जुटे लोगों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों को भरने और मार्ग को चलने योग्य बनाने का काम किया।
इस सामुदायिक पहल की अगुवाई ग्रामीण मुंडा दयाराम चातार और मुखिया प्रताप चातार ने की। अलग-अलग गांवों के लोगों ने एक साथ सड़क सुधार में हाथ बंटाया और उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए पहले विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के समक्ष मांग रखी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि उपायुक्त के क्षेत्र भ्रमण के दौरान भी जर्जर सड़क के निर्माण की मांग वाला आवेदन दिया गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि आवेदन और आग्रह के बाद भी निर्माण की पहल नहीं होने पर उन्होंने स्वयं मरम्मत का निर्णय लिया। श्रमदान से गड्ढे भर दिए गए हैं, हालांकि उपलब्ध विवरण में सड़क के स्थायी निर्माण या प्रशासन की ओर से किसी नई कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है।