मनातू के एकलव्य आवासीय विद्यालय में भवन, बिजली-पानी और सड़क की समस्याओं पर समीक्षा

पलामू के उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालय की मरम्मत, प्रयोगशाला सुविधाओं, पेयजल, बिजली, जलनिकासी और संपर्क सड़क से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

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पलामू के मनातू स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक और आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर समीक्षा की गई। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में विद्यालय के भवनों, छात्रावासों, बिजली-पानी, प्रयोगशालाओं और संपर्क मार्ग से जुड़ी समस्याओं पर विचार किया गया।

बैठक में शैक्षणिक भवन के साथ बालक और बालिका छात्रावास, प्राचार्य आवास तथा स्टाफ क्वार्टर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। इन भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन के लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत बताई गई। संबंधित विभागों के माध्यम से जरूरी कार्रवाई पर भी जोर दिया गया।

विद्यालय की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं में जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की गई। प्रयोगशालाओं के लिए स्लैब, स्टैंड और जलापूर्ति पाइपलाइन की व्यवस्था करने का विषय बैठक में रखा गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ प्रयोगशाला संबंधी बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।

बिजली की समस्या दूर करने के लिए विद्यालय को शहरी विद्युत फीडर से जोड़ने का प्रस्ताव सामने आया। पेयजल की उपलब्धता सुधारने के लिए बालक और बालिका छात्रावास में अलग-अलग चापाकल लगाने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में इन बुनियादी जरूरतों से जुड़े कार्यों को संबंधित विभागों के जरिये आगे बढ़ाने पर विचार हुआ।

स्कूल परिसर से गुजरने वाले बरसाती पानी के कारण खेल मैदान के दोनों ओर ढलान बनने की समस्या भी उठी। इसके समाधान के लिए पक्का नाला बनाकर उसे ढकने की जरूरत पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, बंसीखुर्द गांव से विद्यालय तक सड़क नहीं होने से विद्यार्थियों, अभिभावकों, कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ताओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर सड़क निर्माण पर जोर दिया गया।

बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी प्यारेलाल और विद्यालय के प्राचार्य सतीश चंद्र मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा में सामने आए विषयों पर प्राक्कलन, विभागीय प्रक्रिया और आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से विद्यालय की सुविधाओं में सुधार की दिशा में काम आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।