लातेहार जिले के महुआडांड़ अनुमंडल की गड़बूढ़नी पंचायत स्थित पहाड़कापू गांव में 42 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाने से जुड़े प्रपत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत सूची प्रकाशित होने के बाद सामने आया। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति के सत्यापन की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, मनिका विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 317 से जुड़े 42 मतदाताओं के लिए प्रपत्र-7 तैयार किए गए थे। इनमें संबंधित लोगों के पते पर मौजूद नहीं होने या दूसरी जगह चले जाने को नाम हटाने का आधार बताया गया। ग्रामीणों और पंचायत की मुखिया रेणु तिग्गा का कहना है कि सभी 42 लोग पहाड़कापू के स्थायी निवासी हैं और अभी गांव में ही रह रहे हैं।
मामले पर चर्चा के लिए गांव में पहाड़कापू अंजुमन कमेटी के सदर हदीस अंसारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कांग्रेस मंडल अध्यक्ष नुरूल अंसारी, कांग्रेस एसटी जिला अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर और अन्य ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में कहा गया कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव से पहले संबंधित व्यक्ति के निवास की जांच होनी चाहिए।
बूथ लेवल ऑफिसर अनीमा खलखो के अनुसार, ग्राम प्रधान और भाजपा के बूथ सदस्य जोगेंद्र खेरवार ने उन्हें प्रपत्र-7 दिए थे। उन्होंने बताया कि मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े होने का पता चलने पर उन्होंने प्रपत्र जमा करने से इनकार कर दिया और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। यह विवरण संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है; प्रपत्र किस परिस्थिति में तैयार हुए, इसकी प्रशासनिक जांच अभी अपेक्षित है।
ग्रामीणों ने महुआडांड़ के अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। उनकी मांग है कि दस्तावेजों, दर्ज कारणों और संबंधित लोगों के निवास का सत्यापन किया जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल उपलब्ध विवरण में किसी मतदाता का नाम अंतिम रूप से हटाए जाने की पुष्टि नहीं है। विवाद नाम हटाने के लिए कथित रूप से दिए गए प्रपत्रों और उनमें बताए गए आधार को लेकर है। आगे की स्थिति प्रशासनिक जांच और मतदाता सूची संबंधी निर्धारित प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।