माओवादी कार्यक्रमों को लेकर झारखंड में अलर्ट, जिलों को निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश

नवंबर में माओवादी संगठन के प्रस्तावित तीन कार्यक्रमों के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों, रेल पुलिस और संबंधित सुरक्षा इकाइयों को सतर्कता बढ़ाने को कहा है।

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जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान तैनात सुरक्षा बलों के जवान

रांची में पुलिस मुख्यालय ने नवंबर के दौरान माओवादी संगठन के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए पूरे झारखंड में अलर्ट जारी किया है। पांच नवंबर को जारी निर्देश में जिलों के पुलिस अधीक्षकों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

पुलिस मुख्यालय के पत्र के मुताबिक, प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन आठ से 15 नवंबर तक खूनी क्रांति सप्ताह, 16 से 22 नवंबर तक दमन विरोधी सप्ताह और 24 से 30 नवंबर तक शहीद सप्ताह आयोजित कर सकता है। यह निर्देश विशेष शाखा की ओर से चार नवंबर को भेजी गई सूचना के संदर्भ में जारी किया गया है।

निर्देश रांची, जमशेदपुर और धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षकों सहित सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है। झारखंड जगुआर और रेल पुलिस के अधिकारियों को भी आवश्यक सुरक्षा तथा विधि-व्यवस्था संबंधी तैयारी रखने के लिए कहा गया है। माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।

पत्र में रेलवे परिसरों, सड़कों, पुल-पुलियों, हाट-बाजारों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश है। सरकारी कार्यालयों, बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों, वन विभाग के कार्यालयों, संचार ढांचे और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थानों की सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, आत्मसमर्पण, पुनर्वास और गिरफ्तारियों के कारण माओवादी संगठन कमजोर हुआ है, लेकिन प्रस्तावित कार्यक्रमों के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। अधिकारियों और जवानों की नियमित ब्रीफिंग कराने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यालय ने पूर्व की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी भी सूचना की पहले गहन पुष्टि करने को कहा है। सत्यापन के बाद ही परिस्थिति और आवश्यकता के अनुरूप कार्रवाई करने का निर्देश है। जिलों से कहा गया है कि वे तीनों अवधियों के लिए पहले से तैयारी रखें और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखें।