मैथन में डीवीसी के प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट का विरोध, ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवाया

मैथन डैम के गोगना हॉस्टल क्षेत्र में प्रस्तावित सोलर परियोजना के विरोध में विस्थापित ग्रामीण कार्यस्थल पहुंचे और बातचीत व मांगों पर विचार होने तक काम आगे नहीं बढ़ाने को कहा।

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मैथन में प्रस्तावित डीवीसी सोलर परियोजना के कार्यस्थल पर विरोध करते ग्रामीण

धनबाद जिले के मैथन में दामोदर वैली कॉरपोरेशन की प्रस्तावित सोलर परियोजना को लेकर विस्थापित आदिवासी ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया। गोगना स्थित हॉस्टल क्षेत्र में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने निर्माण गतिविधि रुकवा दी। इसके बाद काम में लगाई गई जेसीबी मशीन को कार्यस्थल से वापस जाना पड़ा।

प्रदर्शन में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्याओं पर विचार किए और उनसे बातचीत किए बिना परियोजना का काम आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना शुरू करने से पहले ग्रामसभा की सहमति लेने की भी मांग रखी।

विरोध कर रहे ग्रामीणों के अनुसार, मैथन डैम के निर्माण के समय उनकी जमीन ली गई थी। उनका दावा है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला और रोजगार से जुड़े पुराने वादे भी पूरे नहीं हुए। प्रदर्शनकारियों ने इन्हीं लंबित विषयों का समाधान परियोजना की अगली गतिविधियों से पहले करने को कहा है।

ग्रामीणों ने प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट से मैथन डैम के प्राकृतिक स्वरूप और स्थानीय पर्यटन पर असर पड़ने की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि डैम में मछली पकड़कर जीवनयापन करने वाले परिवारों की आजीविका पर संभावित प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए। ये आशंकाएं प्रदर्शनकारियों की ओर से रखी गई हैं।

विरोध में शामिल एगारकुंड प्रखंड प्रमुख संगीता महतो ने डीवीसी प्रबंधन से विस्थापितों के साथ सार्वजनिक बैठक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बैठक में पुराने वादों, मुआवजे, रोजगार और ग्रामीणों की अन्य समस्याओं पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। सहमति बनने तक निर्माण आगे नहीं बढ़ाने की बात भी कही गई।

प्रदर्शन के बाद निर्माण कार्य कब दोबारा शुरू होगा, इस संबंध में उपलब्ध विवरण में कोई समयसीमा नहीं बताई गई है। डीवीसी प्रबंधन का पक्ष या परियोजना पर आगे की औपचारिक प्रक्रिया भी सामने नहीं आई है। फिलहाल ग्रामीण बातचीत और अपनी मांगों के समाधान को परियोजना से पहले जरूरी बता रहे हैं।