देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड स्थित बांक गांव में सोमवार को आयुष चिकित्सा शिविर लगाया गया। जिला आयुष समिति के सौजन्य से आयोजित इस शिविर में 70 से अधिक ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श और उपचार भी उपलब्ध कराया गया।
शिविर का आयोजन राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्वावधान में हुआ। स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में जांच कराने पहुंचे। डॉक्टरों ने उनसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की जानकारी ली और आवश्यक सुझाव दिए।
शिविर में ऑस्टियो आर्थराइटिस के साथ हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान खासकर बुजुर्गों ने घुटने, कमर, कंधे, गर्दन और मांसपेशियों में दर्द की शिकायतें बताईं। चिकित्सकों ने ऐसी समस्याओं के बचाव और उपचार में आयुष पद्धति की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
आयुष चिकित्सक डॉ. विकास कुमार केसरी और डॉ. आरएस प्रभात ने मरीजों की जांच की। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि लंबे समय तक रहने वाले दर्द या हड्डी-मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार लेने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य जांच के साथ ग्रामीणों को दिनचर्या, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों के विषय में भी सुझाव मिले। योग प्रशिक्षक ललिता देवी ने विभिन्न योग अभ्यासों की जानकारी देते हुए नियमित योग का महत्व बताया। बुजुर्गों को अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर योगाभ्यास करने की सलाह दी गई।
शिविर के आयोजन में प्रभात ओझा ने भूमिका निभाई, जबकि रेणु देवी ने स्थानीय सहयोगी के रूप में संचालन में सहायता की। गांव में ही स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा मिलने पर शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रसन्नता जताई।