योगेंद्र साव के बयानों पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, कार्रवाई का संकेत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की बयानबाजी पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने उनके सवालों को गंभीर बताया, जबकि कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत दिया है।

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रांची में योगेंद्र साव के बयानों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद

रांची में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा राज्य सरकार को लेकर की जा रही बयानबाजी पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने साव के बयानों को गंभीरता से लेने की बात कही है, जबकि कांग्रेस ने उन्हें महागठबंधन को कमजोर करने वाला बताते हुए कार्रवाई का संकेत दिया है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि योगेंद्र साव के वक्तव्यों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस के नेता द्वारा अपनी ही गठबंधन सरकार के मुखिया पर टिप्पणी करना गंभीर विषय है। भाजपा ने इस प्रकरण के सहारे कांग्रेस और सत्तारूढ़ गठबंधन पर भी सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शमशेर आलम ने साव की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्व मंत्री को कारण बताओ नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद बयानबाजी जारी रहना महागठबंधन के हित में नहीं है। आलम के अनुसार पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा है और कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में योगेंद्र साव पर अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया गया है। उनसे तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उन्हें स्वयं उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

यह विवाद बड़कागांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची स्थानीय प्रशासन की टीम के विरोध के दौरान साव की टिप्पणी के बाद बढ़ा। इसके बाद उन्होंने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कथित गड़बड़ी का दावा किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि से जुड़ी कोई जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

भाजपा के समर्थन और कांग्रेस की चेतावनी के बाद यह मामला अब गठबंधन के भीतर अनुशासन तथा सार्वजनिक बयानबाजी के प्रश्न से जुड़ गया है। फिलहाल कांग्रेस की संभावित कार्रवाई और योगेंद्र साव के जवाब पर नजर रहेगी। पार्टी नेतृत्व की ओर से अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।