रांची स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्कूल, जिसे जिला स्कूल के नाम से भी जाना जाता है, के भवन और छात्रावास की बदहाल स्थिति पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस विषय पर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को अपने नाम के अनुरूप बेहतर होना चाहिए था। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, खंडपीठ ने स्कूल भवन और छात्रावास की मौजूदा स्थिति को पीड़ादायक बताया। यह मामला विद्यालय के जीर्णोद्धार में देरी और छात्रावास की दशा से जुड़ा है।
अदालत ने राज्य सरकार को 28 अक्टूबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट के माध्यम से सरकार को स्कूल परिसर की स्थिति और उससे संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को निर्धारित की गई है।
मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, स्कूल भवन के जीर्णोद्धार से संबंधित योजना लंबे समय से लंबित है। भवन की स्थिति के साथ-साथ छात्रावास की दशा भी अदालत के समक्ष चिंता का विषय बनी। यहां रहने वाले विद्यार्थियों को खराब बुनियादी ढांचे के बीच रहना पड़ रहा है।
छात्रावास में करीब 100 बच्चे रह रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इमारत जर्जर है और दीवारों से पानी रिसता है। भवन की ऐसी हालत के कारण वहां रहने वाले बच्चों को छत गिरने का डर बना रहता है। इस स्थिति ने आवासीय परिसर की सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े सवालों को प्रमुखता से सामने रखा है।
अब इस मामले में राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तय समयसीमा के बाद अगली सुनवाई में अदालत स्कूल भवन और छात्रावास से संबंधित स्थिति पर आगे विचार करेगी। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश ने जिला स्कूल की मरम्मत और विद्यार्थियों की आवासीय व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ा दी है।