रांची के विकास कुमार गोप का वर्ल्ड एक्वेटिक्स के अंतरराष्ट्रीय आर्टिस्टिक स्विमिंग कोच प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए चयन हुआ है। उन्हें इस पाठ्यक्रम में भाग लेने के लिए वर्ल्ड एक्वेटिक्स स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई है। प्रशिक्षण 26 से 30 अक्टूबर तक मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित किया जाएगा।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, विकास को ‘एज ग्रुप कोच’ श्रेणी के प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए चुना गया है। इसमें ऑनलाइन अध्ययन के साथ प्रशिक्षकों की मौजूदगी में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रतिभागियों के लिए 25 अक्टूबर को कुआलालंपुर पहुंचने और 31 अक्टूबर को लौटने का कार्यक्रम निर्धारित है।
छात्रवृत्ति के अंतर्गत विकास को ऑनलाइन अध्ययन मंच, पाठ्यक्रम सामग्री और आमने-सामने होने वाले प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेने की सुविधा मिलेगी। पाठ्यक्रम के दौरान उन्हें कलात्मक तैराकी की तकनीक और कोचिंग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों को समझने का अवसर मिलेगा।
विकास फिलहाल झारखंड खेल प्रोत्साहन सोसाइटी में जिम्नास्टिक कोच के रूप में कार्यरत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह जिम्नास्टिक और योग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक भी जीत चुके हैं। पिछले तीन वर्षों से वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के समक्ष प्रदर्शन देते रहे हैं।
विकास का कहना है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम के लिए चयनित होने वाले भारत के पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने प्रशिक्षण से मिले ज्ञान का उपयोग देश में आर्टिस्टिक स्विमिंग को विकसित करने और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने में करने की बात कही है। झारखंड तैराकी संघ ने भी उनके चयन पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है।
आर्टिस्टिक स्विमिंग को सिंक्रोनाइज्ड स्विमिंग के नाम से भी जाना जाता है। इस विधा में तैराक संगीत की लय के साथ पानी में तालमेल, संतुलन और कलात्मक गतिविधियों का प्रदर्शन करते हैं। इसमें तकनीकी कौशल, शारीरिक नियंत्रण और समन्वय की अहम भूमिका रहती है। अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से लौटने के बाद विकास का अनुभव झारखंड और देश के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में उपयोगी हो सकता है।