रांची के 32 थानों में सीसीटीवी लगाने की समय-सीमा बताए सरकार: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के 32 पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने की समय-सीमा मांगी है। अदालत ने थानों और प्रमुख चौक-चौराहों के मौजूदा कैमरे चालू रखने का भी निर्देश दिया।

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रांची के पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने पर सुनवाई करता झारखंड हाईकोर्ट

रांची जिले के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट समय-सीमा मांगी है। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की खंडपीठ ने सोमवार को पूछा कि जिले के जिन 32 थानों में अब तक कैमरे नहीं लगे हैं, वहां यह काम कब तक पूरा किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि सीसीटीवी कैमरों का अभाव अपराध नियंत्रण और घटनाओं की जांच को प्रभावित कर रहा है। खंडपीठ ने चेन छिनतई और सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चालू कैमरे संदिग्धों तथा दुर्घटना के बाद निकल जाने वाले वाहनों की पहचान में उपयोगी हैं।

अदालत ने गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कैमरे लगाने की समय-सीमा के साथ जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही रांची के सभी थानों तथा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू हालत में रखने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित है।

राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र के अनुसार, रांची शहर के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के 24 पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। शहर में कैमरों से वंचित थानों और इकाइयों में हिंदपीढ़ी, पंडरा ओपी, बरियातू, धुर्वा, एयरपोर्ट, विधानसभा, एएचटीयू और साइबर पुलिस स्टेशन शामिल बताए गए हैं।

सरकारी शपथ पत्र में यह भी बताया गया कि रांची शहर के 17 पुलिस थानों और ओपी में कुल 123 सीसीटीवी कैमरे फिलहाल काम कर रहे हैं। अदालत ने सरकार को शेष थानों में कैमरे लगाने की अवधि स्पष्ट करने का निर्देश दिया, ताकि व्यवस्था पूरी करने की प्रगति की समीक्षा की जा सके।

खंडपीठ ने रांची तक सीमित व्यवस्था के अलावा पूरे झारखंड में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जारी टेंडर की मौजूदा स्थिति भी पूछी है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी व्यवस्था के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से भी जानकारी मांगी गई है। अब संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर अगली सुनवाई में मामले पर आगे विचार होगा।