रांची में एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए दो और विशेष अदालतें नामित

केंद्र की अधिसूचना के बाद रांची सिविल कोर्ट की दो अदालतों को एनआईए के अनुसूचित अपराधों की सुनवाई का जिम्मा दिया गया है। इनका क्षेत्राधिकार पूरे झारखंड में होगा।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
रांची में एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष अदालतों से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जुड़े अनुसूचित अपराधों की सुनवाई के लिए दो और विशेष अदालतें नामित की गई हैं। रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त ने अपर न्यायायुक्त-17 संजीव झा और अपर न्यायायुक्त-20 अरविंद कुमार द्वितीय की अदालतों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों अदालतों का क्षेत्राधिकार पूरे झारखंड में रहेगा।

यह आदेश केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केंद्र ने 16 जुलाई को इन अदालतों को नामित करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद झारखंड हाई कोर्ट और एनआईए के पत्र के आधार पर रांची सिविल कोर्ट के स्तर से आधिकारिक आदेश जारी हुआ।

नई व्यवस्था का उद्देश्य एनआईए से संबंधित मामलों का तेजी से निष्पादन करना है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े अनुसूचित अपराधों की सुनवाई अब इन नामित अदालतों में भी हो सकेगी। इससे ऐसे मामलों के न्यायिक निपटारे के लिए रांची में विशेष अदालतों की उपलब्धता बढ़ेगी।

इसी बीच झारखंड हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीश 23 सितंबर को शपथ लेंगे। हाई कोर्ट परिसर के भूतल पर सुबह 10:15 बजे समारोह निर्धारित है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। हाई कोर्ट प्रशासन ने समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वालों में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा शामिल हैं। मनोज प्रसाद गढ़वा, अखिल कुमार साहिबगंज और राम शर्मा डालटनगंज में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। उनकी नियुक्ति से जुड़ी अधिसूचना केंद्र सरकार जारी कर चुकी है और हाई कोर्ट को नियुक्ति वारंट भी मिल गया है।

तीनों न्यायिक अधिकारियों को हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने सहमति दी थी। इसके बाद केंद्र की ओर से नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। इस तरह रांची में एक ओर एनआईए मामलों के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था का विस्तार हुआ है, वहीं हाई कोर्ट को भी तीन नए न्यायाधीश मिलने जा रहे हैं।