रांची में नशे के संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी, खाली मैदानों और जर्जर भवनों पर पुलिस की नजर

एनसीबी और पुलिस की छानबीन में रांची के कई सुनसान स्थानों पर मादक पदार्थों की गतिविधियों की सूचना मिली है। संदिग्ध ठिकानों पर गश्त, छापेमारी और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

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रांची में संदिग्ध ठिकानों की निगरानी और जांच करती पुलिस

रांची में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री रोकने के लिए सुनसान मैदानों, पुराने भवनों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और झारखंड पुलिस की छानबीन में ऐसे स्थानों के नशे के कारोबार में इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित ठिकानों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर से मिले इनपुट की जांच की जा रही है।

राजधानी में ओटीसी ग्राउंड, बिड़ला मैदान, अरगोड़ा मैदान, हरमू मैदान तथा मधुकम और बस्तियों के आसपास के कुछ मैदानों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंची है। जन शिकायतों के दौरान भी इस तरह की सूचनाएं मिलने की बात कही गई है। हालांकि, प्रत्येक सूचना की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होनी है।

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने पुलिस को मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया है। युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से बचाने के उद्देश्य से विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत खाली मैदानों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के साथ पुलिस गश्त बढ़ाई गई है।

जांच एजेंसियों की हाल की कार्रवाई के बाद रांची पुलिस भी संबंधित सूचनाओं की समानांतर पड़ताल कर रही है। एनसीबी ने रांची के स्टेशन रोड से दो युवकों को पकड़ा था। उनकी निशानदेही पर कोकीन और गांजा मिलने का दावा किया गया। इसके बाद मोरहाबादी के पास बोड़ेया से एक युवती की गिरफ्तारी और उसके घर से मादक पदार्थ बरामद होने की जानकारी दी गई है।

एनसीबी ने रांची और जमशेदपुर से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। रिपोर्ट में उनके पास से 18 ग्राम कोकीन और 15 से 16.5 ग्राम एमडीएमए बरामद होने का उल्लेख है। बरामद अंतरराष्ट्रीय नंबरों की जांच के दौरान एजेंसी को कुछ संदिग्ध स्थानों की जानकारी और लोकेशन मिलने की बात भी कही गई है।

इन लोकेशन के आसपास लगे कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि मादक पदार्थों की आपूर्ति और खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस की सक्रियता से कुछ स्थानों पर अड्डेबाजी घटने की सूचना है, लेकिन गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। आगे की कार्रवाई जांच में मिलने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।