रांची में सीआईएससीई राष्ट्रीय बालिका हॉकी टूर्नामेंट संपन्न, तीन आयु वर्गों को मिले चैंपियन

मोरहाबादी के एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में तीन दिवसीय प्रतियोगिता के फाइनल खेले गए। तमिलनाडु, कर्नाटक-गोवा और ओडिशा ने अपने-अपने आयु वर्ग के खिताब जीते।

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रांची के मोरहाबादी में आयोजित सीआईएससीई राष्ट्रीय बालिका हॉकी टूर्नामेंट का समापन

रांची के मोरहाबादी स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में शनिवार को सीआईएससीई राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट 2026 का समापन हो गया। तीन दिवसीय प्रतियोगिता के आखिरी दिन बालिका वर्ग की तीन आयु श्रेणियों के फाइनल मुकाबले खेले गए। इनमें तमिलनाडु, कर्नाटक-गोवा और ओडिशा की टीमों ने जीत दर्ज कर चैंपियनशिप अपने नाम की।

अंडर-14 वर्ग के निर्णायक मुकाबले में तमिलनाडु ने नॉर्थ वेस्ट को 2-0 से पराजित किया। अंडर-17 का फाइनल अपेक्षाकृत करीबी रहा, जिसमें कर्नाटक-गोवा ने महाराष्ट्र पर 1-0 की जीत हासिल की। अंडर-19 वर्ग में ओडिशा ने नॉर्थ वेस्ट को 1-0 से हराकर विजेता का खिताब जीता।

प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग सीआईएससीई क्षेत्रों की बालिका खिलाड़ियों ने भाग लिया। तीन दिनों के दौरान आयोजित मुकाबलों में टीमों ने खेल कौशल के साथ अनुशासन, तालमेल और खेल भावना का प्रदर्शन किया। फाइनल परिणामों में तीन अलग-अलग क्षेत्रों की जीत से विभिन्न आयु वर्गों में प्रतिस्पर्धा का स्वरूप भी सामने आया।

टूर्नामेंट का आयोजन सीआईएससीई के बिहार एवं झारखंड रीजन के रांची जोन ने किया, जबकि सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा ने इसकी मेजबानी की। समापन समारोह में हॉकी इंडिया के महासचिव, एशियन हॉकी फेडरेशन के उपाध्यक्ष और हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला नाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को बधाई दी।

समारोह में भोला नाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को विद्यार्थियों के खेल विकास के साथ अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम भावना के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने खिलाड़ियों से जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करते हुए अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की अपील की।

सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा के प्राचार्य फादर फुलदेव सोरेंग ने भी तीनों वर्गों की विजेता और उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रतियोगिता से जुड़े खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, रेफरी, अधिकारियों, स्वयंसेवकों, चिकित्सा दल और आयोजन समिति के योगदान का उल्लेख किया। फाइनल मुकाबलों के साथ रांची में तीन दिन तक चली यह राष्ट्रीय बालिका हॉकी प्रतियोगिता संपन्न हुई।