रांची और आसपास के इलाकों में शुक्रवार दोपहर मौसम बदलने के बाद तेज बारिश हुई। राजधानी में करीब 42 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया और दुर्गा पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर तक आसमान में हल्के बादल दिखाई दे रहे थे। बाद में बादल घने हुए और लगभग साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हो गई। वर्षा का सिलसिला शाम पांच बजे तक चला। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश रांची में दर्ज की गई।
राजधानी के अलावा देवघर में सात मिलीमीटर वर्षा हुई। लोहरदगा, सिमडेगा और पूर्वी सिंहभूम में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग जिलों में वर्षा की मात्रा भले कम रही, लेकिन मौसम में आए बदलाव से कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे।
मौसम विभाग के अनुसार, महासप्तमी के दिन भी रांची सहित झारखंड के कुछ हिस्सों में बादल बने रह सकते हैं। कहीं-कहीं गरज वाले बादल बनने के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है। अगले चार दिनों में सुबह कुहासा रहने और उसके बाद हल्के बादल छाने के आसार भी बताए गए हैं।
रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बदलाव का संबंध तमिलनाडु से बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से तक बने ट्रफ से बताया है। इस मौसमी व्यवस्था के कारण आ रही नमी को झारखंड में बादल और वर्षा की वजह माना गया है।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान राज्य के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। रांची में अक्टूबर की यह पहली बारिश रही। पूजा के दौरान बाहर निकलने वाले लोगों के लिए बादल और स्थानीय स्तर पर होने वाली वर्षा महत्वपूर्ण रह सकती है।