रांची से तीन दिवसीय झारखंड पर्यटन कॉन्क्लेव और पाक यात्रा की शुरुआत

आईएचएम रांची के तीन दिवसीय आयोजन में पारंपरिक खान-पान, जनजातीय ज्ञान, औषधीय पौधों और पाक पर्यटन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

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रांची में गुरुवार को तीन दिवसीय झारखंड पर्यटन कॉन्क्लेव और पाक यात्रा-2026 शुरू हुई। होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम), रांची की ओर से आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘गंतव्य झारखंड: अनदेखे रत्न से वैश्विक पर्यटन आकर्षण तक’ रखा गया है। आयोजन में राज्य की प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक भोजन और पर्यटन की संभावनाओं को एक साथ प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया है।

होटल बिरसा विहार में पर्यटन विभाग के निदेशक नमन प्रियेस लकड़ा ने पाक यात्रा दल को घाटशिला स्थित चेंगजोरा हेरिटेज विलेज के लिए रवाना किया। उन्होंने इस पहल को स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक ज्ञान को पहचान दिलाने की दिशा में उपयोगी बताया। उनके अनुसार, ऐसी गतिविधियों से ग्रामीण इलाकों में आजीविका और रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।

यात्रा के पहले दिन विशेषज्ञ शेफ का दल चेंगजोरा में संथाल और हो समुदायों की खाद्य परंपराओं को समझेगा। अध्ययन में वनोत्पाद, कंद-मूल, पारंपरिक खाद्य ज्ञान तथा भोजन के संरक्षण में अपनाई जाने वाली स्थानीय तकनीकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन परंपराओं को पर्यटन अनुभव से जोड़ने की संभावनाएं तलाशना है।

दूसरे और तीसरे दिन दलमा वन्यजीव अभयारण्य तथा दशम फॉल्स में कार्यक्रम निर्धारित हैं। इन स्थानों पर औषधीय पौधों का अध्ययन करने के साथ पाक पर्यटन से जुड़े सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस तरह यात्रा में भोजन, प्रकृति और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को एक साझा पर्यटन अवधारणा के रूप में देखने का प्रयास किया जाएगा।

आईएचएम के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने बताया कि कॉन्क्लेव राज्य की सांस्कृतिक विरासत को एकीकृत पर्यटन अनुभव के रूप में पेश करेगा। यात्रा में प्रणय कुमार सिंह, मनीष कुमार मल्होत्रा, ध्रुव ओबेरॉय, निशांत चौबे, वैभव भार्गव, डॉ. आशीष दहिया और शिरीन मेहरोत्रा सहित कई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन कार्यक्रम में जेटीडीसी के प्रबंध निदेशक प्रेम रंजन, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक राजीव कुमार, योगेश कुमार और सपनील कालकार भी उपस्थित रहे। तीन दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक स्थलों को व्यापक पर्यटन पहचान से जोड़ने की रूपरेखा पर चर्चा और क्षेत्रीय अध्ययन किया जाएगा।