रामगढ़ में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी ऋतुराज की अध्यक्षता में पदाधिकारियों और कर्मियों को जनगणना की निर्धारित प्रक्रियाओं तथा तकनीकी मॉड्यूल के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
जिले के सभी चार्ज पदाधिकारियों और सहायक चार्ज पदाधिकारियों के लिए यह प्रशिक्षण 26 और 27 अक्टूबर को रखा गया है। इसके बाद 28 और 29 अक्टूबर को जिले के तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े कर्मियों को चरणबद्ध ढंग से तैयार करने पर जोर दिया गया है।
उपायुक्त ऋतुराज ने जनगणना को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए कहा कि इससे मिलने वाले आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में उपयोगी होते हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां समझने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करने को कहा।
प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड की उपनिदेशक केश्या नायक ने द्वितीय चरण की परिचालन प्रक्रिया समझाई। उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारियों और लिपिकों की भूमिका एवं दायित्वों के बारे में भी जानकारी दी।
सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के पीई मॉड्यूल का प्रदर्शन भी किया गया। इसके तहत एन्यूमरेशन ब्लॉक के गठन, प्रशिक्षण प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और डैशबोर्ड के उपयोग की प्रक्रिया बताई गई। प्रतिभागियों को तकनीकी प्रणाली का अभ्यास करने और आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शंकर प्रसाद सिंह, सांख्यिकी अन्वेषक सह जिला समन्वयक शिवालिका सुंदरम सहित संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया के संचालन से पहले प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है।