रिम्स के वार्ड से निकला विचाराधीन बंदी परिसर में पकड़ा गया, सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू

पाकुड़ मंडल कारा से इलाज के लिए रांची लाए गए विचाराधीन बंदी को रिम्स परिसर में ही पकड़ लिया गया। बरियातू पुलिस सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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रांची स्थित रिम्स परिसर, जहां वार्ड से निकले विचाराधीन बंदी को पुलिस ने पकड़ा

रांची के रिम्स में इलाज के दौरान वार्ड से निकले पाकुड़ मंडल कारा के एक विचाराधीन बंदी को पुलिस ने अस्पताल परिसर में ही पकड़ लिया। इस मामले में बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा में तैनात जवानों की मौजूदगी के बावजूद बंदी वार्ड से बाहर कैसे पहुंचा।

पुलिस के अनुसार, विचाराधीन बंदी हथिया हेम्ब्रम को जांच और इलाज के लिए 19 सितंबर को रांची लाया गया था। उसे 20 सितंबर को रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। बाद में बंदी को एमआईसीयूडब्ल्यू-5 में स्थानांतरित कर दिया गया था।

बुधवार तड़के करीब चार बजे ड्यूटी पर तैनात जवानों ने बंदी को वार्ड में नहीं पाया। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। पाकुड़ जेल के गार्ड समीर बास्की के बयान पर बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने रिम्स और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच आरंभ की।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बंदी अभी रिम्स परिसर में ही मौजूद है। इसके बाद उसे परिसर से पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक, वह लंगड़ाकर चलता है और उसने अपनी हथकड़ी छिपाने के लिए उसके ऊपर प्लास्टिक बांध रखा था। हालांकि वह अस्पताल की चहारदीवारी से बाहर नहीं निकल सका।

घटना ने इलाज के लिए अस्पताल लाए जाने वाले बंदियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बंदी वार्ड से निकलते समय किन रास्तों से गुजरा और उस दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने उसे क्यों नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से उसकी गतिविधियों का क्रम समझने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले की जांच एसआई प्रशांत गौरव कर रहे हैं। बंदी की सुरक्षा में लगाए गए तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।