रांची में गुरुवार को झारखंड के रीडिंग कैंपेन-2026 का समापन हुआ। ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ विषय पर चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करना और पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना था। समापन कार्यक्रम में राज्य के सभी 24 जिलों के प्रतिनिधियों के साथ सरकारी अधिकारियों और विभिन्न सिविल सोसाइटी संगठनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान अभियान की उपलब्धियों और इसके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। प्रतिभागियों ने इस बात पर विचार किया कि अभियान के दौरान शुरू हुई पठन गतिविधियों को विद्यालयों और समुदायों में नियमित रूप से कैसे जारी रखा जाए। जिला प्रतिनिधियों तथा सहयोगी संगठनों ने अपने क्षेत्रों में किए गए प्रयासों और उनसे जुड़े अनुभव भी साझा किए।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने बच्चों में रोज पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, पठन से बच्चों की शैक्षणिक क्षमता मजबूत होती है और यह लगातार सीखते रहने की बुनियाद भी तैयार करता है। उन्होंने विद्यालय, घर और समुदाय—तीनों स्तरों पर पढ़ने के अनुकूल वातावरण बनाने पर जोर दिया।
परिषद के एसपीओ एवं क्वालिटी इंचार्ज डॉ. अविनव कुमार ने अभियान के प्रभाव को दीर्घकालिक बनाने की बात कही। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार की पठन सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत बताई, ताकि वे स्वतंत्र रूप से पढ़ने का अभ्यास कर सकें। विद्यालयों में ऐसी गतिविधियों को मजबूत करने और शिक्षकों को प्रेरित करने में सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी रेखांकित की गई।
रूम टू रीड इंडिया की कंट्री डायरेक्टर पूर्णिमा गर्ग वीडियो संदेश के माध्यम से समारोह से जुड़ीं। उन्होंने रीड-ए-थॉन गतिविधियों में झारखंड की भागीदारी तथा सर्वाधिक प्रतिभागियों की सहभागिता के लिए राज्य को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिली मान्यता का उल्लेख किया। उन्होंने बच्चों के लिए आनंदपूर्ण पठन के अवसर लगातार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
समारोह में एपीओ और एडीपीओ ने जिला स्तर की गतिविधियों, अपनाई गई कार्यप्रणालियों और सामूहिक प्रयासों की जानकारी दी। समापन चर्चा का मुख्य केंद्र यह रहा कि अभियान को केवल सीमित अवधि का आयोजन न रहने दिया जाए। इसके तहत विकसित गतिविधियों को स्कूलों और समुदायों की नियमित व्यवस्था में शामिल करने तथा बच्चों तक विविध पठन सामग्री की निरंतर पहुंच बनाने पर जोर दिया गया।