ललपनिया में महिला सम्मेलन, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार के विस्तार पर चर्चा

गोमिया के ललपनिया में जेएसएलपीएस के महिला सम्मेलन और वार्षिक आमसभा में आजीविका, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड स्थित ललपनिया में शनिवार को महिला सम्मेलन सह संकुल संगठनों की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के इस कार्यक्रम में विभिन्न महिला समितियों की सदस्यों ने भाग लिया। आयोजन का केंद्र ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने से जुड़े विषय रहे।

सम्मेलन में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए। गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार, पूर्व मुखिया बबली सोरेन और अन्य अतिथि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जबकि महिला समूहों की सदस्यों और पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया।

आमसभा में गोमिया, महुआटांड़, चतरोचट्टी, तिलैया, तुलबुल और सरहचिया क्लस्टर की महिला समितियों की भागीदारी रही। बैठक के दौरान आजीविका बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण, स्वरोजगार के अवसर और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गई।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने समूहों की सदस्यों से बातचीत कर उनके अनुभव, सुझाव और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। उनके अनुसार, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार से जुड़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मंत्री ने समूहों के बनाए उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाने की बात भी कही। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने को सरकार की प्राथमिकता बताया। सम्मेलन में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक बदलाव से भी जोड़कर देखा गया।