ललमटिया में खनन कंपनी के कर्मचारियों की बैठक, मांगों पर आंदोलन की चेतावनी

राजमहल परियोजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने सुविधाओं और मांगों के समाधान को लेकर बैठक की। यूनियन ने 14 सितंबर को धरना और 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

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गोड्डा जिले के ललमटिया में ईसीएल की राजमहल परियोजना के अधीन काम करने वाली मोंटी कार्लो हुर्रा माइनिंग लिमिटेड के कर्मचारियों ने सुविधाओं और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अपनाया है। दी झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के बैनर तले शनिवार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता यूनियन के क्षेत्रीय सचिव बिगनेश्वर महतो ने की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित ठेका कंपनी का कोई अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा। हालांकि हुर्रासी प्रोजेक्ट के सहायक प्रबंधक कृष्णा मिश्रा और प्रबंधक कृष्ण कुमार गुप्ता बैठक में मौजूद रहे।

यूनियन के क्षेत्रीय सचिव ने कंपनी अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कर्मचारियों की समस्या संबंधित कंपनी से जुड़ी होने के बावजूद उसके प्रतिनिधियों का बैठक में नहीं आना लापरवाही और अनुशासनहीनता है। कर्मचारियों ने नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी मांगों पर विचार करने की बात रखी है।

यूनियन ने कहा है कि मांगों पर 12 सितंबर तक विचार नहीं किए जाने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा। घोषित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी 14 सितंबर को धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

यूनियन ने संभावित आंदोलन के दौरान परियोजना को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कंपनी और उसके अधिकारियों पर होने की बात कही है। यह यूनियन का पक्ष है; उपलब्ध विवरण में कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया या कर्मचारियों की अलग-अलग मांगों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

मांग पत्र की प्रतियां केंद्रीय श्रम मंत्री, ईसीएल मुख्यालय के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, गोड्डा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित प्रशासनिक, परियोजना और थाना अधिकारियों को सूचना के लिए भेजी गई हैं। अब कर्मचारियों की मांगों और घोषित आंदोलन पर कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।