लातेहार सदर प्रखंड की बेंदी पंचायत के गैठींबाढ़ टोला में ग्रामीणों ने आवागमन की समस्या से निपटने के लिए आपसी चंदे से लकड़ी का पुल तैयार किया है। बांस के सहारे बनाया गया यह पुल पांवरिया डैम पर आवाजाही का साधन बना है। इससे टोले तक पहुंचने की दूरी करीब चार किलोमीटर कम हो गई है।
करीब 40 से 45 घरों वाले इस टोले के निवासियों के अनुसार, गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है तथा टोला टापू जैसा बन जाता है। ऐसे समय में ग्रामीणों को आने-जाने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल की समस्या के बारे में मुखिया, विधायक और सांसद को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। इसके बाद लोगों ने स्वयं चंदा जुटाया और बांस तथा लकड़ी की मदद से अस्थायी पुल बना लिया। यह पहल फिलहाल ग्रामीणों के दैनिक आवागमन को आसान बना रही है।
पुल बनने से पास के गोदना प्राथमिक विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को भी सुविधा हुई है। पहले लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जबकि अब गांव और आसपास के इलाके के बीच दूरी घट गई है। हालांकि लकड़ी का यह ढांचा स्थायी पुल का विकल्प नहीं है और ग्रामीण टिकाऊ निर्माण की मांग कर रहे हैं।
टोले में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक 20 से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं पहुंची है। इन परिवारों को करीब दो किलोमीटर दूर औरंगा नदी से पानी लाना पड़ता है। महिलाओं को नदी में चुआं खोदकर रोज पीने का पानी जुटाना पड़ रहा है।
गैठींबाढ़ टोला के लोगों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क, स्थायी पुल और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों की बनाई संरचना ने तत्काल आवागमन में राहत दी है, लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतों के स्थायी समाधान के लिए सरकारी स्तर पर निर्माण और जलापूर्ति की व्यवस्था जरूरी बनी हुई है।