लापता लोगों की तलाश के लिए हर जिले में बनेगी मॉनिटरिंग टीम: झारखंड पुलिस

झारखंड पुलिस सभी जिलों में लापता और अपहृत बच्चों व वयस्कों के मामलों की निगरानी के लिए विशेष टीम बनाएगी। प्रगति रिपोर्ट हर 15 दिन पर सीआईडी और पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी।

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लापता व्यक्तियों के मामलों की निगरानी व्यवस्था का AI-निर्मित सांकेतिक चित्र

रांची/झारखंड: झारखंड पुलिस राज्य के सभी जिलों में लापता और अपहृत बच्चों तथा वयस्कों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित करेगी। सरकारी प्रसारक आकाशवाणी न्यूज की 15 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य जांच और बरामदगी के प्रयासों की नियमित समीक्षा करना तथा जिलावार आंकड़ों को व्यवस्थित रखना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्येक जिले की टीम का नेतृत्व मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) करेंगे। संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को समर्पित मॉनिटरिंग सेल बनाने का निर्देश दिया गया है। यह सेल लंबित मामलों में जांच की प्रगति, लापता व्यक्ति की तलाश और बरामदगी से जुड़े प्रयासों की निगरानी करेगा।

जिला स्तर पर तैयार प्रगति रिपोर्ट हर 15 दिन में सीआईडी और पुलिस मुख्यालय को समीक्षा के लिए भेजी जाएगी। इससे विभिन्न थानों और जांच इकाइयों के बीच जानकारी के प्रवाह को नियमित करने तथा पुराने मामलों में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, रिपोर्ट में टीमों के गठन की अंतिम समयसीमा या जिलावार लंबित मामलों की संख्या नहीं बताई गई है।

नई व्यवस्था का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि जिलों में रिकॉर्ड कितनी तेजी से अपडेट होते हैं, लंबित मामलों की समीक्षा कितनी नियमित रहती है और जरूरत पड़ने पर दूसरे जिलों या राज्यों के साथ समन्वय कैसे किया जाता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी इसे निगरानी और जवाबदेही मजबूत करने वाली प्रशासनिक पहल के रूप में बताती है; किसी विशेष मामले की बरामदगी या जांच परिणाम का दावा नहीं किया गया है।

चित्र: AI-निर्मित सांकेतिक चित्र। इसमें किसी वास्तविक लापता व्यक्ति, पीड़ित, घटना या पुलिस अधिकारी को नहीं दर्शाया गया है।

स्रोत और मूल प्रकाशन समय

स्रोत अभिगमन: 15 जुलाई 2026, रात 11:00 बजे IST। यह समय Jharkhand24 के प्रकाशन समय से अलग है।