लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेठहठ के 33 छात्र-छात्राओं को अब भी सरकारी साइकिल योजना का लाभ मिलने का इंतजार है। हेसापीढ़ी संकुल के दूसरे विद्यालयों में ‘उन्नति का पहिया’ अभियान के तहत साइकिलें बांटी जा चुकी हैं, लेकिन इस विद्यालय के विद्यार्थियों तक योजना का लाभ अभी नहीं पहुंचा है।
विद्यार्थियों के अनुसार, विद्यालय में 33 बच्चों के बीच साइकिल का वितरण किया जाना है। वे प्रतिदिन साइकिल मिलने की उम्मीद लेकर स्कूल आते हैं, मगर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। बच्चों ने प्रखंड प्रशासन से विद्यालय को जल्द साइकिल उपलब्ध कराने की मांग की है।
साइकिल नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को रोज तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। बच्चों का कहना है कि लंबी दूरी पैदल तय करने से समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
प्रखंड कल्याण पदाधिकारी उदीप उरांव के मुताबिक, पहले चरण में तैयार की गई साइकिलों में करीब 10 से 15 साइकिल बची हुई हैं। दूसरे चरण के वितरण के लिए जिला स्तर पर पत्र भेजा गया है। कुछ विद्यार्थियों का नामांकन देर से होने के कारण भी उनके नाम दूसरे चरण की प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।
अधिकारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में अभी तक साइकिल वितरण नहीं हुआ है, वहां पहले और दूसरे चरण की साइकिलें एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला स्तर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेठहठ विद्यालय के विद्यार्थियों को भी साइकिल देने का आश्वासन दिया गया है।
फिलहाल विद्यार्थियों को वितरण की निश्चित तारीख का इंतजार है। उनका सवाल है कि उसी संकुल के अन्य विद्यालयों में योजना लागू होने के बावजूद बेठहठ के बच्चे अब तक इससे वंचित क्यों हैं। प्रशासन के आश्वासन के बाद अब प्रक्रिया पूरी होने और सभी 33 विद्यार्थियों तक साइकिल पहुंचने की प्रतीक्षा बनी हुई है।